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अमेरिका ने WHO से पूरी तरह तोड़ा नाता: ट्रंप के फैसले से वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था को बड़ा झटका

Trump WHO Exit: अमेरिका ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से औपचारिक रूप से अलग होने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। यह फैसला राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के पहले दिन शुरू हुआ था, जो अब आधिकारिक रूप से लागू हो गया है। इसके साथ ही 78 वर्षों पुराना अमेरिका-WHO रिश्ता पूरी तरह समाप्त हो गया।

WHO की फंडिंग पूरी तरह बंद

ट्रंप प्रशासन ने 20 जनवरी 2025 को एक कार्यकारी आदेश जारी कर WHO से बाहर निकलने की घोषणा की थी। आदेश के तहत अमेरिका ने WHO को दी जाने वाली सभी तरह की फंडिंग बंद कर दी। साथ ही जिनेवा स्थित मुख्यालय और दुनियाभर के WHO दफ्तरों से अमेरिकी कर्मचारियों और ठेकेदारों को वापस बुला लिया गया। अब अमेरिका WHO का सदस्य नहीं है और संगठन के मुख्यालय से अमेरिकी झंडा भी हटा दिया गया है।

Trump WHO Exit: कोविड-19 हैंडलिंग को बताया वजह

अमेरिकी सरकार का कहना है कि WHO ने कोविड-19 महामारी के दौरान गंभीर गलतियां कीं। ट्रंप प्रशासन के अनुसार संगठन जरूरी सुधार करने में नाकाम रहा और कुछ सदस्य देशों के राजनीतिक दबाव में काम करता रहा। सरकार ने साफ किया है कि अमेरिका भविष्य में WHO में दोबारा शामिल नहीं होगा और अब सिर्फ औपचारिक अलगाव प्रक्रिया पूरी करने तक सीमित संपर्क रखेगा।

78 साल पुरानी सदस्यता खत्म

अमेरिका WHO का संस्थापक सदस्य था और 1948 से लगातार इसका हिस्सा रहा। यह संगठन का सबसे बड़ा फंडिंग देश भी था। अमेरिका हर साल औसतन 111 मिलियन डॉलर सदस्य शुल्क और करीब 570 मिलियन डॉलर स्वैच्छिक योगदान देता था। अलग होने के बाद WHO को भारी वित्तीय नुकसान हुआ है। अमेरिका पर WHO का 130 से 278 मिलियन डॉलर तक बकाया बताया जा रहा है, हालांकि अमेरिकी प्रशासन ने यह राशि चुकाने से इनकार कर दिया है।

Trump WHO Exit: वैश्विक स्वास्थ्य पर गंभीर असर की आशंका

WHO दुनिया भर में एमपॉक्स, इबोला, पोलियो और अन्य संक्रामक बीमारियों से निपटने में समन्वय करता है। यह गरीब देशों को तकनीकी सहायता, वैक्सीन और दवाओं की सप्लाई में अहम भूमिका निभाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका के बाहर निकलने से वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा कमजोर होगी और नई महामारियों की शुरुआती चेतावनी प्रणाली पर भी असर पड़ेगा। जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी के हेल्थ लॉ एक्सपर्ट लॉरेंस गोस्टिन ने इस फैसले को “अपने जीवन का सबसे विनाशकारी राष्ट्रपति निर्णय” करार दिया है।

एक साल में 70 अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से बाहर

WHO से अलग होना ट्रंप प्रशासन की व्यापक नीति का हिस्सा है। दूसरे कार्यकाल के पहले साल में अमेरिका लगभग 70 अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और समझौतों से बाहर हो चुका है। इनमें 31 संयुक्त राष्ट्र से जुड़ी संस्थाएं और 35 गैर-यूएन संगठन शामिल हैं, जैसे UNFCCC, UN Women, IPCC, इंटरनेशनल सोलर अलायंस और पेरिस जलवायु समझौता। हालांकि अमेरिका संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, WFP और UNHCR में बना रहेगा।

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