Unemployment news: सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जारी आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर 2025 में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों में बेरोजगारी दर मामूली रूप से बढ़कर 4.8 प्रतिशत हो गई। नवंबर 2025 में यह दर 4.7 प्रतिशत थी। ग्रामीण इलाकों में बेरोजगारी दर 3.9 प्रतिशत पर स्थिर बनी रही, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह बढ़कर 6.7 प्रतिशत हो गई, जो नवंबर में 6.5 प्रतिशत थी। ग्रामीण पुरुषों में बेरोजगारी दर कम और स्थिर रहते हुए 4.1 प्रतिशत रही। वहीं, शहरी महिलाओं के लिए राहत की खबर यह रही कि उनकी बेरोजगारी दर घटकर 9.1 प्रतिशत हो गई, जो नवंबर में 9.3 प्रतिशत थी। अन्य लिंग वर्गों में बेरोजगारी दर में हल्की बढ़ोतरी देखी गई, हालांकि यह अभी भी मध्य वर्ष के स्तर से नीचे बनी हुई है।
श्रमिक जनसंख्या अनुपात में सुधार
दिसंबर 2025 में श्रमिक जनसंख्या अनुपात में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिला। ग्रामीण पुरुषों में यह बढ़कर 76 प्रतिशत हो गया, जो नवंबर में 75.4 प्रतिशत था। शहरी पुरुषों में श्रमिक जनसंख्या अनुपात घटकर 70.4 प्रतिशत रहा (नवंबर में 70.9 प्रतिशत), जिससे कुल पुरुष श्रमिक जनसंख्या अनुपात 74.1 प्रतिशत दर्ज किया गया। ग्रामीण महिलाओं में श्रमिक जनसंख्या अनुपात मामूली बढ़त के साथ 38.6 प्रतिशत रहा, जबकि शहरी महिलाओं में यह लगभग 23 प्रतिशत पर स्थिर रहा। इसके चलते कुल महिला श्रमिक जनसंख्या अनुपात 33.6 प्रतिशत और कुल मिलाकर श्रमिक जनसंख्या अनुपात 53.4 प्रतिशत रहा, जो नवंबर में क्रमशः 33.4 प्रतिशत और 53.2 प्रतिशत था।
Unemployment news: श्रम बल भागीदारी दर भी बढ़ी
श्रम बल भागीदारी दर में भी दिसंबर में सुधार दर्ज किया गया। कुल श्रम बल भागीदारी दर बढ़कर 56.1 प्रतिशत हो गई, जो नवंबर में 55.8 प्रतिशत थी।
ग्रामीण क्षेत्रों में यह दर 59 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 50.2 प्रतिशत रही। महिलाओं की भागीदारी में भी हल्की बढ़ोतरी देखी गई। कुल महिला श्रम बल भागीदारी दर 35.3 प्रतिशत रही, जबकि नवंबर में यह 35.1 प्रतिशत थी। ग्रामीण महिलाओं में यह दर 40.1 प्रतिशत और शहरी महिलाओं में 25.3 प्रतिशत दर्ज की गई।
सर्वेक्षण का आधार और पृष्ठभूमि
दिसंबर 2025 के ये आंकड़े 3,73,990 लोगों के सर्वेक्षण पर आधारित हैं। श्रमिक जनसंख्या अनुपात से आशय कुल जनसंख्या में कार्यरत लोगों के हिस्से से है। उच्च-आवृत्ति श्रम आंकड़ों की जरूरत को देखते हुए, जनवरी 2025 से PLFS की सैंपलिंग पद्धति में बदलाव किया गया है। अप्रैल से नवंबर 2025 तक के मासिक बुलेटिन पहले ही जारी किए जा चुके हैं और दिसंबर 2025 का यह बुलेटिन इस शृंखला का नौवां संस्करण है।
यह भी पढ़ें: कड़वे स्वाद के पीछे छुपी सेहत, सौंदर्य और रोगमुक्त जीवन की अनमोल ताकत







