Unique Wedding: राजस्थान की राजधानी जयपुर में काम के दौरान खुशी और जर्मनी के गुस्ताव की मुलाकात हुई। दोनों एक ही कंपनी से जुड़े थे, जिसके चलते बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ। धीरे-धीरे दोस्ती गहरी हुई और फिर यह रिश्ता प्यार में बदल गया। करीब एक साल तक एक-दूसरे को समझने और समय बिताने के बाद दोनों ने शादी का फैसला लिया। परिवारों ने भी इस रिश्ते को सहमति दी और फिर तय हुआ कि शादी भारतीय रीति-रिवाजों से ही होगी।
तीन दिन चला शादी का जश्न
शादी का कार्यक्रम तीन दिन तक चला, जिसमें हल्दी, मेहंदी और संगीत की रस्में धूमधाम से हुईं। मेहंदी की रस्म में दूल्हे गुस्ताव ने खुशी के नाम की मेहंदी लगवाई और भारतीय परंपराओं को पूरे उत्साह के साथ अपनाया। इसके बाद कॉकटेल और संगीत नाइट में दूल्हा-दुल्हन ने बॉलीवुड गानों पर डांस कर माहौल को और भी खास बना दिया।
Unique Wedding: देशी लुक में विदेशी दूल्हा
शादी वाले दिन गुस्ताव शेरवानी और साफा पहनकर पूरी तरह भारतीय रंग में नजर आए। वहीं खुशी लाल जोड़े में पारंपरिक अंदाज में बेहद खूबसूरत दिखीं। स्टेज पर दोनों ने हाथ थामकर डांस किया और मेहमानों ने इस पल को कैमरों में कैद किया। बारात में शामिल विदेशी मेहमानों ने भी भारतीय अंदाज में नाच-गाना किया, जिससे माहौल और भी रंगीन हो गया।
Unique Wedding: भाषा नहीं बनी रुकावट
बारात के साथ जर्मनी से आए मेहमानों को भाषा की परेशानी न हो, इसके लिए ट्रांसलेटर की व्यवस्था की गई थी। इससे सभी मेहमान आराम से रस्मों को समझ सके और समारोह का आनंद उठा सके। विदेशी मेहमानों ने भारतीय संस्कृति, संगीत और खानपान की जमकर तारीफ की।
हिंदू रीति-रिवाजों से हुए सात फेरे
वरमाला, सात फेरे और विदाई सहित सभी रस्में हिंदू परंपरा के अनुसार संपन्न हुईं। स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में शादी में शामिल हुए और नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया। दोनों परिवारों ने एक-दूसरे को गले लगाकर खुशियां साझा कीं।यह शादी सिर्फ दो लोगों का मिलन नहीं, बल्कि दो संस्कृतियों का खूबसूरत संगम बन गई। विदेशी मेहमानों ने भारतीय परंपराओं को करीब से देखा और उसे यादगार अनुभव बताया। दूल्हा गुस्ताव ने कहा कि भारत के लोग बेहद मिलनसार हैं और यहां की संस्कृति ने उन्हें बहुत प्रभावित किया।शादी के बाद दोनों ने कहा कि प्यार की कोई सीमा नहीं होती न भाषा की और न ही देश की। इस रिश्ते ने यह संदेश दिया कि सच्चा प्यार हर दूरी और हर सीमा को पार कर सकता है। खुशी और गुस्ताव ने हाथ थामकर नए जीवन की शुरुआत की और अपने इस खास दिन को जिंदगी भर की याद बना लिया।
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