UP Budget 2026-27: उत्तर प्रदेश विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने राज्य सरकार की उपलब्धियों और भविष्य की प्राथमिकताओं को विस्तार से रखा। सरकार ने इस बजट को प्रदेश के सर्वांगीण विकास, रोजगार सृजन, कृषि उन्नति और औद्योगिक निवेश को गति देने वाला बताया है।
UP Budget 2026-27:सीएम योगी ने बताया ‘उज्ज्वल भविष्य का आधार’
बजट पेश होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह बजट ‘आत्मनिर्भर-विकसित उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को नई ऊर्जा देगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सुशासन, समावेशी विकास और जनकल्याण की नीति पर आगे बढ़ रहा है और यह बजट राज्य को 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य की ओर अग्रसर करेगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, गरीब, युवा, महिलाएं और किसान इस बजट के केंद्र में हैं।
UP Budget 2026-27: कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर फोकस
वित्त मंत्री ने दावा किया कि कृषि उत्पादन में उत्तर प्रदेश देश में अग्रणी है। गन्ना किसानों के लिए 30 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य वृद्धि की घोषणा की गई है, वहीं महिला गन्ना किसानों को पर्ची वितरण में विशेष लाभ देने की बात कही गई है। सरकार का कहना है कि ग्रामीण आय बढ़ाने और किसानों को सशक्त बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
UP Budget 2026-27: रोजगार और निवेश के दावे
सरकार के मुताबिक चौथे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में लगभग 50 लाख करोड़ रुपये के एमओयू साइन हुए हैं, जिनसे करीब 10 लाख रोजगार सृजन की संभावना है। प्रदेश को भारत का सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केंद्र बताते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि देश के कुल मोबाइल उत्पादन का 65 प्रतिशत यूपी में हो रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंचने का भी दावा किया गया।
प्रति व्यक्ति आय और बेरोजगारी पर आंकड़े
वित्त मंत्री ने कहा कि वर्ष 2025-26 में प्रति व्यक्ति आय लगभग 1.20 लाख रुपये होने का अनुमान है, जो वर्ष 2016-17 में 54,564 रुपये थी। सरकार ने दावा किया कि लगभग 6 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से बाहर आए हैं और बेरोजगारी दर घटकर 2.24 प्रतिशत रह गई है।
UP Budget 2026-27: दवाओं की कीमतों और युवाओं पर योजनाएं
सरकार ने प्रदेश में दवाओं के दाम कम करने और युवाओं को कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से रोजगार योग्य बनाने की बात कही है। बजट को महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कल्याण योजनाओं से भी जोड़ा गया है।विपक्षी दलों ने बजट पर सवाल उठाए हैं। समाजवादी पार्टी के नेताओं ने इसे “जुमलों का बजट” बताते हुए रोजगार और किसानों की स्थिति पर चिंता जताई। कांग्रेस ने भी सरकार पर आंकड़ों की बाजीगरी का आरोप लगाया और कहा कि कई विभागों में आवंटित बजट पूरी तरह खर्च नहीं हो पाता।कुल मिलाकर, यूपी बजट 2026-27 को सरकार विकास और निवेश आधारित बताते हुए भविष्य की मजबूत नींव कह रही है, जबकि विपक्ष इसके दावों और जमीनी प्रभाव पर सवाल उठा रहा है। आने वाले समय में बजट प्रावधानों के क्रियान्वयन से ही इसके वास्तविक प्रभाव का आकलन हो सकेगा।
यह भी पढे़: रेखा गुप्ता की सरकार में लापरवाही का सिलसिला बरकरार, खुले नाले ने ली एक और जान







