UP Budget 2026: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने आज विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपना ‘ऐतिहासिक’ और अब तक का सबसे विशाल बजट पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा सदन में प्रस्तुत यह बजट न केवल आंकड़ों का एक लेखा-जोखा है, बल्कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ और प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है। इस बजट में सरकार ने ‘अंत्योदय’ (अंतिम व्यक्ति का उदय) को केंद्र में रखते हुए बुनियादी ढांचे (Infrastructure), महिला सशक्तिकरण, युवाओं के लिए रोजगार और किसानों की आय दोगुनी करने पर सबसे अधिक जोर दिया है।
बजट का मुख्य आकर्षण: ‘सबका साथ, सबका विकास’
इस बार के बजट का आकार पिछले वर्ष की तुलना में करीब 10 से 12 प्रतिशत अधिक रखा गया है, जो उत्तर प्रदेश की बढ़ती आर्थिक ताकत को दर्शाता है। सरकार ने राजस्व प्राप्ति और विकास कार्यों के बीच एक बेहतरीन संतुलन बनाने का प्रयास किया है।
1. कृषि और किसान: ‘अन्नदाता’ के लिए खजाना खुला
किसानों के लिए बजट में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। सरकार ने सिंचाई की सुविधा को बेहतर बनाने के लिए ‘मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना’ के बजट में भारी बढ़ोतरी की है।
* मुफ्त बिजली: निजी नलकूपों के माध्यम से किसानों को मुफ्त बिजली की आपूर्ति जारी रखने के लिए भारी भरकम फंड आवंटित किया गया है।
* सोलर पंप: पीएम कुसुम योजना के तहत हजारों नए सोलर पंपों की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है, जिससे किसानों की डीजल पर निर्भरता कम होगी।
* लखीमपुर खीरी विशेष: तराई के क्षेत्रों, विशेषकर लखीमपुर खीरी जैसे जिलों के गन्ना किसानों के लिए बकाया भुगतान और चीनी मिलों के आधुनिकीकरण के लिए अलग से वित्तीय प्रावधान किए गए हैं।
2. युवाओं का सपना: डिजिटल और स्किल इंडिया
बजट में युवाओं को ‘स्मार्ट’ बनाने और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने के लिए बड़े कदम उठाए गए हैं:
* स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना: छात्र-छात्राओं को मुफ्त टैबलेट और स्मार्टफोन वितरण के लिए करोड़ों का बजट आवंटित किया गया है।
* स्टार्टअप फंड: उत्तर प्रदेश को देश का स्टार्टअप हब बनाने के लिए नए इन्क्यूबेशन सेंटर्स और सीड फंड की घोषणा की गई है।
* रोजगार मेले: हर जनपद में बड़े पैमाने पर रोजगार मेलों के आयोजन और स्किल डेवलपमेंट मिशन के लिए विशेष राशि का प्रावधान किया गया है।
3. बुनियादी ढांचा: ‘एक्सप्रेसवे प्रदेश’ की नई पहचान
उत्तर प्रदेश अब देश में एक्सप्रेसवे के जाल के लिए जाना जाता है। बजट 2026 में इस कनेक्टिविटी को और विस्तार देने की घोषणा की गई है:
* गंगा एक्सप्रेसवे: इस महत्वाकांक्षी परियोजना को समय से पूरा करने के लिए अतिरिक्त फंड दिया गया है।
* लिंक एक्सप्रेसवे: बुंदेलखंड और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाले नए लिंक मार्गों के लिए सर्वे और निर्माण की घोषणा हुई है।
* मेट्रो और एयरपोर्ट: जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट और अयोध्या एयरपोर्ट के विस्तार के साथ-साथ गोरखपुर, प्रयागराज और झांसी में मेट्रो/नमो भारत जैसी सेवाओं के लिए प्रारंभिक फंड की व्यवस्था की गई है।
4. धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन: ‘नव्य अयोध्या’ से ‘दिव्य काशी’
पर्यटन को उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का इंजन बनाने के उद्देश्य से धार्मिक सर्किटों पर फोकस किया गया है:
* अयोध्या और काशी: अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के बाद बढ़ रहे पर्यटकों के दबाव को देखते हुए इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए बड़ी राशि आवंटित की गई है।
* मथुरा-वृंदान और नैमिषारण्य: श्री कृष्ण जन्मभूमि कॉरिडोर और सीतापुर के नैमिषारण्य धाम के विकास को बजट में प्राथमिकता दी गई है।
5. आधी आबादी का सम्मान: मिशन शक्ति को धार
महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए ‘मिशन शक्ति’ के अगले चरण की घोषणा की गई है।
* कन्या सुमंगला योजना: इस योजना के तहत दी जाने वाली सहायता राशि में वृद्धि करने का प्रस्ताव है।
* स्वयं सहायता समूह (SHG): ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने के लिए स्वयं सहायता समूहों के जरिए करोड़ों के निवेश का लक्ष्य रखा गया है।
6. शिक्षा और स्वास्थ्य: हर गांव तक पहुंचेगी सुविधा
बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर सरकार का रुख स्पष्ट है। ‘एक जनपद, एक मेडिकल कॉलेज’ के संकल्प को पूरा करने के लिए निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों को जल्द चालू करने का लक्ष्य है। साथ ही, प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के तहत डिजिटल लर्निंग और इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड किया जाएगा।
UP Budget 2026: हर वर्ग के लोगों को कुछ न कुछ देने का प्रयास
जहाँ सरकार इस बजट को ‘सर्वसमावेशी’ और ‘विकासोन्मुखी’ बता रही है, वहीं विपक्ष ने इसे आंकड़ों की बाजीगरी करार दिया है। हालांकि, आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बजट में घोषित राशि का धरातल पर सही कार्यान्वयन होता है, तो उत्तर प्रदेश निश्चित रूप से भारत की जीडीपी में सबसे बड़ा योगदान देने वाला राज्य बन सकता है। साथ ही आपको बता दें कि योगी सरकार का यह बजट 2026 चुनावी राजनीति से इतर दीर्घकालिक विकास (Long-term Development) पर केंद्रित नजर आता है। लखीमपुर खीरी जैसे कृषि प्रधान जिलों से लेकर नोएडा जैसे औद्योगिक केंद्रों तक, यह बजट हर वर्ग को कुछ न कुछ देने का प्रयास करता है। अब चुनौती इन योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन की है, ताकि 1 ट्रिलियन डॉलर का सपना हकीकत बन सके।
Report By: संजय कुमार राठौर
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