UP IPS Transfer: उत्तर प्रदेश की हाई-प्रोफाइल और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पुलिसिंग में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अपनी तेज-तर्रार कार्यशैली और ‘कॉप टॉक’ जैसी अभिनव पहलों के लिए देशभर में चर्चित रहीं 2013 बैच की मेधावी आईपीएस अधिकारी डॉ. ख्याति गर्ग को लखीमपुर खीरी जिले की नई कमान सौंपी गई है। चिकित्सा विज्ञान की बारीकियों को समझने वाली डॉ. गर्ग अब लखीमपुर की कानून-व्यवस्था की नब्ज टटोलेंगी।
हरियाणा की निवासी हैं डॉ. ख्याति गर्ग
रिपोर्टर संजय कुमार राठौर की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, 12 सितंबर 1988 को जन्मीं डॉ. ख्याति गर्ग मूल रूप से हरियाणा की निवासी हैं। उनकी सबसे बड़ी विशेषता उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि है। उन्होंने एमबीबीएस (MBBS) की डिग्री हासिल की है, जिसके कारण उनके व्यक्तित्व में एक डॉक्टर की संवेदनशीलता और एक पुलिस अधिकारी का सख्त अनुशासन समाहित है। भारतीय पुलिस सेवा में आने के बाद से ही उन्होंने विज्ञान और आधुनिक दृष्टिकोण को पुलिसिंग के साथ जोड़ने का काम किया है।
UP IPS Transfer: अमेठी से मुरादाबाद तक- उपलब्धियों का सफर
डॉ. ख्याति गर्ग का अब तक का कार्यकाल उपलब्धियों से भरा रहा है। अमेठी में बतौर पुलिस अधीक्षक रहते हुए उन्होंने “कॉप टॉक (Cop Talk)” नामक एक अनूठी पहल शुरू की थी। इस पहल का उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच की दूरी को कम करना और युवाओं से सीधा संवाद स्थापित करना था। इस राष्ट्रीय स्तर पर सराही गई पहल ने पुलिस की छवि को ‘भय’ से बदलकर ‘मित्र’ के रूप में स्थापित किया। हाल ही में, उन्होंने मुरादाबाद में 9वीं वाहिनी पीएसी (PAC) की कमांडेंट के रूप में अपनी सेवाएं दीं। वहां उन्होंने न केवल पीएसी के अनुशासन को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया, बल्कि आधुनिक पुलिसिंग और दक्षता के नए मानक भी स्थापित किए। उनके इसी बेदाग और प्रभावी ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए शासन ने उन्हें लखीमपुर खीरी जैसे चुनौतीपूर्ण जनपद की जिम्मेदारी सौंपी है।

लखीमपुर खीरी के लिए क्या हैं मायने?
लखीमपुर खीरी भौगोलिक और राजनीतिक रूप से उत्तर प्रदेश का एक संवेदनशील जिला है। भारत-नेपाल सीमा से सटे होने और तराई क्षेत्र की अपनी चुनौतियों के कारण यहाँ एक ऐसे अधिकारी की आवश्यकता थी जो न केवल सख्त हो, बल्कि तकनीक और जनसंवाद में भी माहिर हो। स्क्रिप्ट ब्यूरो संजय कुमार राठौर लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश के माध्यम से विशेषज्ञों का मानना है कि डॉ. गर्ग की नियुक्ति से जिले में ‘कम्युनिटी पुलिसिंग’ को बढ़ावा मिलेगा। डॉ. ख्याति गर्ग का मानना है कि अपराधी के प्रति कठोरता और पीड़ित के प्रति कोमलता ही एक सफल पुलिसिंग का आधार है। एक डॉक्टर होने के नाते वे समाज की बुराइयों को एक बीमारी की तरह देखती हैं, जिसे जड़ से मिटाने के लिए वे वैज्ञानिक पद्धति का उपयोग करती हैं। उनके आगमन से लखीमपुर पुलिस में महिला सुरक्षा, साइबर अपराध नियंत्रण और पारदर्शिता के नए युग की शुरुआत होने की उम्मीद है।
आपको बता दें कि राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुकीं डॉ. ख्याति गर्ग के सामने लखीमपुर में कई चुनौतियां होंगी, लेकिन उनका पिछला रिकॉर्ड गवाह है कि वे मुश्किल परिस्थितियों में भी ‘आउट ऑफ द बॉक्स’ समाधान निकालने में माहिर हैं। पूरे प्रदेश की नजरें अब लखीमपुर की नई कप्तान की अगली रणनीतियों पर टिकी हैं।
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