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योगी आदित्यनाथ को उत्तराखंड की आस्था और परंपरा का उपहार, देवदार की विशेष कुर्सी बनी गोरखनाथ मंदिर की शोभा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उत्तराखंड की आस्था, परंपरा और काष्ठकला से जुड़ा एक विशेष उपहार मिला है। केदारनाथ पुनर्निर्माण प्रोजेक्ट में बची देवदार की लकड़ी से बनी एक भव्य और सुगंधित कुर्सी उन्हें भेंट की गई है। कर्नल अजय कोठियाल केदारनाथ पुनर्निर्माण प्रोजेक्ट में अहम भूमिका निभाने वाले प्रमुख चेहरों में से एक रहे हैं। 2013 की आपदा के बाद धाम के पुनर्निर्माण में उनके योगदान को व्यापक रूप से सराहा गया।

Up news: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उत्तराखंड की आस्था, परंपरा और काष्ठकला से जुड़ा एक विशेष उपहार मिला है। केदारनाथ पुनर्निर्माण प्रोजेक्ट में बची देवदार की लकड़ी से बनी एक भव्य और सुगंधित कुर्सी उन्हें भेंट की गई है। यह कुर्सी न केवल अपने अनूठे डिजाइन के लिए खास है, बल्कि इसकी सौंधी खुशबू जहां भी रखी जाती है, पूरे वातावरण को महका देती है। यह विशेष कुर्सी उत्तराखंड सरकार में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री (कर्नल रिटायर्ड) अजय कोठियाल ने 15 जनवरी, मकर संक्रांति के पावन अवसर पर गोरखपुर पहुंचकर योगी आदित्यनाथ को भेंट की। कुर्सी बतौर गोरक्षनाथ पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ को सौंपी गई, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार किया।

योगी आदित्यनाथ को भाया उपहार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस कुर्सी से बेहद प्रभावित नजर आए। उन्हें यह कुर्सी इतनी पसंद आई कि इसे गोरखनाथ मंदिर के मुख्य सभागार में स्थापित कर दिया गया है। यह कुर्सी अब मंदिर परिसर की शोभा बढ़ा रही है।

Up news: देवदार की लकड़ी से जुड़ी पवित्र सोच

कर्नल अजय कोठियाल ने बताया कि केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण के दौरान देवदार की लकड़ी का उपयोग किया गया था, जिसमें से कुछ लकड़ी शेष बच गई थी। उनका विचार था कि इस पवित्र लकड़ी का इस्तेमाल किसी धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व से जुड़ी वस्तु के निर्माण में किया जाए। इसी सोच के साथ योगी आदित्यनाथ के लिए इस विशेष कुर्सी का निर्माण कराया गया।

उत्तराखंड की मंदिर वास्तुकला की झलक

कुर्सी का डिजाइन आर्किटेक्ट कृष्ण कुडियाल ने तैयार किया है। उन्होंने उत्तराखंड के प्राचीन मंदिरों की वास्तुकला और नक्काशी का गहन अध्ययन कर डिजाइन को अंतिम रूप दिया। कुर्सी को चकराता के पास कोटा गांव के पारंपरिक काष्ठ कारीगरों ने करीब 15 दिन की मेहनत से तैयार किया। कुर्सी के दोनों हत्थों पर सिंह की आकृति उकेरी गई है, जो शक्ति और साहस का प्रतीक मानी जाती है। वहीं पीछे की ओर उत्तराखंड के मंदिरों में देखने को मिलने वाली पारंपरिक नक्काशी को उभारा गया है।

Up news: महासू मंदिर की काष्ठकला और भगवा रंग

कुर्सी में महासू मंदिर की प्रसिद्ध काष्ठकला को प्रमुख रूप से शामिल किया गया है। इसकी गद्दी का रंग भगवा रखा गया है, जो योगी आदित्यनाथ का पसंदीदा रंग माना जाता है। यह रंग आध्यात्मिकता और सनातन परंपरा का भी प्रतीक है।

देवदार की सौंधी खुशबू से महकता सभागार

देवदार की लकड़ी से बनी इस कुर्सी की एक खास बात यह भी है कि इससे निकलने वाली प्राकृतिक खुशबू पूरे सभागार में फैल जाती है, जिससे वातावरण और भी पवित्र और सकारात्मक महसूस होता है।

Up news: उत्तराखंड से योगी आदित्यनाथ का जुड़ाव

योगी आदित्यनाथ का जन्म 5 जून 1972 को उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के पंचूर गांव में हुआ था। इस तरह यह उपहार उनके जन्मस्थान और कर्मभूमि के बीच एक भावनात्मक जुड़ाव को भी दर्शाता है।

कौन हैं कर्नल अजय कोठियाल

Up news: कर्नल अजय कोठियाल केदारनाथ पुनर्निर्माण प्रोजेक्ट में अहम भूमिका निभाने वाले प्रमुख चेहरों में से एक रहे हैं। 2013 की आपदा के बाद धाम के पुनर्निर्माण में उनके योगदान को व्यापक रूप से सराहा गया। वर्तमान में वे उत्तराखंड सरकार में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

 

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