Up news: नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के मामले में अब नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने सख्त रुख अपनाया है। सेक्टर-150 में पानी से भरी खाई में डूबने से हुई इस मौत को लेकर NGT ने स्वतः संज्ञान लेते हुए कई विभागों को नोटिस जारी किया है।
NGT ने क्यों लिया सख्त एक्शन
न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति सेंथिल की पीठ ने मामले को गंभीर मानते हुए अधिकारियों से विस्तृत जवाब मांगा है। ट्रिब्यूनल ने कहा कि जिस स्थान पर युवराज की मौत हुई, वह इलाका पिछले कई वर्षों से जलभराव की समस्या से जूझ रहा है और बारिश के बाद वहां स्थायी तालाब जैसी स्थिति बन जाती है।
Up news: 2015 की योजना बनी मौत की वजह?
जांच में सामने आया है कि सिंचाई विभाग की 2015 की स्टॉर्म वॉटर मैनेजमेंट योजना को आज तक सही तरीके से लागू नहीं किया गया। इसी लापरवाही के कारण सेक्टर-150 में जल निकासी की स्थिति बेहद खराब बनी हुई है।
इन विभागों से मांगा गया जवाब
NGT ने नोएडा प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सिंचाई विभाग, पर्यावरण से जुड़े मुख्य सचिव (उत्तर प्रदेश सरकार) और गौतम बुद्ध नगर के जिला मजिस्ट्रेट से जवाब तलब किया है। सभी अधिकारियों को 3 अप्रैल तक अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है।
Up news: SIT जांच में आई तेजी
मामले की जांच भी तेज हो गई है। मंगलवार को SIT की टीम नोएडा विकास प्राधिकरण के कार्यालय पहुंची। इस टीम में ADG मेरठ, मेरठ मंडलायुक्त और PWD के चीफ इंजीनियर शामिल हैं।
स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट पर सवाल
सूत्रों के मुताबिक, SIT ने नोएडा अथॉरिटी के ट्रैफिक सेल, इलेक्ट्रिक सेल और स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों से पूछताछ की है। जिस खाली जमीन के पास युवराज डूबे थे, उसी इलाके में 2014 में स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट शुरू किया गया था।
Up news: प्रोजेक्ट का पूरा विवाद
इस प्रोजेक्ट में 25 प्रतिशत आवासीय फ्लैट्स, 5 प्रतिशत कमर्शियल एरिया और शेष हिस्सा खेल सुविधाओं के लिए विकसित किया जाना था। साल 2019 में यह प्रोजेक्ट लोटस ग्रुप से MJ Wish Town ने खरीदा था। प्रोजेक्ट के मालिक अभय कुमार को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया है।
पहले भी लग चुका है जुर्माना
बताया जा रहा है कि साल 2022 में इस परियोजना पर अवैध होर्डिंग लगाने और गलत तरीके से फ्लैट्स के प्रचार के आरोप में छह लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था।
प्रशासनिक लापरवाही उजागर
Up news: युवराज मेहता की मौत ने प्रशासनिक लापरवाही और विभागों के बीच तालमेल की कमी को उजागर कर दिया है। अब NGT की सख्त कार्रवाई से उम्मीद की जा रही है कि दोषियों की जिम्मेदारी तय होगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सकेगा।
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