UP NEWS: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद रामगोपाल यादव ने उत्तर प्रदेश सहित 12 राज्यों में चल रही मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को पूरी तरह त्रुटिपूर्ण और भ्रामक बताया है। उन्होंने कहा कि जिस तरीके से यह कार्यवाही की जा रही है, उससे आधे मतदाताओं के नाम सूची से गायब हो सकते हैं।
चुनाव आयोग खुद उलझा हुआ है – रामगोपाल
मीडिया से बातचीत में यादव ने कहा, “चुनाव आयोग एसआईआर को लेकर खुद ही भ्रमित है। बड़े पैमाने पर बीएलओ ने लोगों को मृत, अनुपस्थित और स्थायी रूप से विस्थापित दिखाया है, जबकि इनमें कई लोग जिंदा और मौजूद हैं।”
UP NEWS: टूंडला का उदाहरण: आंकड़ों में बड़ा विरोधाभास
फिरोजाबाद के टूंडला विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए सपा सांसद ने कहा, “फिरोजाबाद के टूंडला विधानसभा क्षेत्र में 3,82,160 मतदाता हैं। मंगलवार तक एसआईआर प्रक्रिया के दौरान दिखाया गया है कि 3,82,159 फॉर्म बांटे गए। इनमें से 10,703 मतदाताओं को मृत, 11,964 को अनुस्थित और 29,364 को स्थायी रूप से दूसरी जगह शिफ्ट दिखाया गया। सवाल यह है कि जब इतने सारे लोग मृत, अनुस्थित और शिफ्ट हो चुके हैं, तब 100 प्रतिशत फॉर्म डिस्ट्रीब्यूशन कैसे हुआ?”
दस्तावेज़ की जरूरत नहीं, फिर भी काटे जा रहे वोट?
रामगोपाल यादव ने दावा किया कि 2003 से वोटर बने लोगों को किसी नए दस्तावेज़ की जरूरत नहीं है, लेकिन अधिकारियों द्वारा बिना कारण बड़ी संख्या में मतदाताओं को कैटेगरी ‘C’ में डाला जा रहा है। उन्होंने कहा,”नोटिस मतदाता तक न पहुँचे तो भी उसका वोट काट दिया जाएगा।”सपा सांसद ने चिंता जताई कि इस एसआईआर प्रक्रिया से 50% तक वोट कट सकते हैं, लेकिन सरकार और चुनाव आयोग इसकी गंभीरता को समझ नहीं पा रहे।
ये भी खबरें पढ़े… लूथरा ब्रदर्स की तलाश तेज, इंटरपोल ने जारी किया ब्लू नोटिस-इधर पुलिस ने एक और आरोपी पकड़ा







