UP News: अमरोहा जनपद में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की स्थापना को लेकर मांग अब तेज होती जा रही है। केन्द्रीय लोक शिकायत निवारण परिषद की ओर से प्रधानमंत्री के नाम संबोधित एक विस्तृत ज्ञापन जिलाधिकारी अमरोहा के माध्यम से भेजा गया है। ज्ञापन में वर्षों से बंद पड़ी कताई मिल के विशाल परिसर अथवा किसी अन्य उपयुक्त सरकारी भूमि पर एम्स अस्पताल स्थापित किए जाने का प्रस्ताव रखा गया है।
अमरोहा को भी योजना में शामिल करने की मांग
परिषद का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में प्रस्तुत केंद्रीय बजट में देश के विभिन्न हिस्सों, विशेष रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एम्स जैसे उच्च स्तरीय चिकित्सा संस्थानों की स्थापना की घोषणा की गई है। इसे जनहित में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय कदम बताते हुए परिषद ने मांग की है कि अमरोहा को भी इस योजना में शामिल किया जाए। ज्ञापन में विस्तार से उल्लेख किया गया है कि अमरोहा स्थित बंद पड़ी कताई मिल का परिसर भूमि की उपलब्धता और आधारभूत संरचना की दृष्टि से अत्यंत उपयुक्त है। यह परिसर लंबे समय से अनुपयोगी पड़ा है और यदि यहां एम्स की स्थापना होती है तो सरकारी संपत्ति का जनहित में सदुपयोग संभव हो सकेगा। परिषद ने यह भी तर्क दिया है कि उक्त स्थल राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।

अमरोहा की भौगोलिक स्थिति को भी प्रस्ताव के समर्थन में प्रमुख आधार बताया गया है। जनपद की कनेक्टिविटी मुरादाबाद मंडल के विभिन्न जिलों के साथ-साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों से सीधी है। ऐसे में यदि यहां एम्स की स्थापना होती है तो लाखों लोगों को उच्च स्तरीय और सुलभ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। वर्तमान में गंभीर रोगों के इलाज के लिए मरीजों को दिल्ली या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती है।
UP News: निगाहें केंद्र सरकार के निर्णय पर टिकी
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि एम्स जैसे संस्थान की स्थापना से न केवल स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर सुधरेगा, बल्कि क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, तकनीकी कर्मचारी और अन्य सहायक सेवाओं में बड़ी संख्या में स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल सकेगा। इसके अतिरिक्त, मेडिकल शिक्षा और शोध के क्षेत्र में भी जनपद को नई पहचान मिल सकती है। परिषद ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि अमरोहा में प्रस्तावित स्थल का शीघ्र सर्वेक्षण कराकर व्यवहार्यता की जांच की जाए और आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई प्रारंभ की जाए। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए कहा है कि यदि अमरोहा को एम्स की सौगात मिलती है तो यह पूरे क्षेत्र के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा। अब निगाहें केंद्र सरकार के निर्णय पर टिकी हैं कि क्या अमरोहा को एम्स स्थापना की सूची में शामिल किया जाता है या नहीं।
रिपोर्ट-मौ. अज़ीम
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