UP Police: मुरादाबाद के मझोला थाना क्षेत्र में स्कूटी और बाइक की मामूली टक्कर के बाद विवाद इतना बढ़ गया कि साइबर सेल में तैनात दारोगा के साथ मारपीट का मामला सामने आया। आरोप है कि अमरोहा में तैनात एक हेड कांस्टेबल के बेटों ने दारोगा को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, जबकि मौके पर मौजूद हेड कांस्टेबल मूकदर्शक बना रहा।
पहले पढ़े क्या है मामला?
दरअसल, साइबर थाने में तैनात दारोगा अंकुर सिंह नया मुरादाबाद क्षेत्र में रहते हैं। सोमवार शाम वह स्कूटी से घर से निकले थे, तभी बाइक सवार दो युवक उनसे टकरा गए। टक्कर के बाद दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते गाली-गलौज और मारपीट में बदल गई। आरोप है कि बाइक सवार युवक अमरोहा में तैनात हेड कांस्टेबल के बेटे थे। विवाद बढ़ने पर उन्होंने अपने पिता को मौके पर बुला लिया। पिता के पहुंचते ही दोनों बेटों का हौसला बढ़ गया और उन्होंने दारोगा के साथ मारपीट शुरू कर दी। दारोगा ने खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए बचने की कोशिश की, लेकिन आरोपित नहीं माने और यह कहते हुए हमला करते रहे कि “तुम दारोगा हो तो हम भी हेड कांस्टेबल के बेटे हैं।
UP Police: आरोपित पिता-पुत्र फरार
दारोगा के भागने की कोशिश करने पर भी आरोपितों ने पीछा कर उन्हें पीटा, जिससे उन्हें चोटें आईं। आसपास के लोगों की भीड़ जमा होने पर किसी तरह दारोगा आरोपितों के चंगुल से छूट सके। सूचना पर मझोला इंस्पेक्टर रविंद्र कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपित पिता-पुत्र फरार हो गए। घायल दारोगा को जिला अस्पताल में मेडिकल के लिए भेजा गया और उनसे शिकायती पत्र भी लिया गया। मामले की जानकारी मिलते ही साइबर थाना प्रभारी अनुज मलिक भी मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान आरोपित हेड कांस्टेबल और उसके बेटों के नाम सामने आए, जिसके बाद उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई।
हालांकि, पुलिसकर्मियों से जुड़ा मामला होने के कारण प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। बाद में दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बाद समझौता करा दिया गया। दारोगा की ओर से पुलिस को समझौतानामा भी सौंपा गया। वहीं मामले में एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि मारपीट की घटना नहीं हुई थी, केवल कहासुनी हुई थी और बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया।
ये भी पढ़े… मेरठ में नालों का कहर! बच्चे की कथित मौत के बाद दूसरा हादसा, SHO ने गंदे पानी में लगाया गोता







