UP SIR controversy: उत्तर प्रदेश में जारी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा SIR पर सवाल उठाए जाने के बाद भाजपा नेता आरपी सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सपा का जनाधार अब समाप्त हो चुका है और यही वजह है कि पार्टी बेबुनियाद आरोप लगा रही है।
SIR पर सवाल सपा की कमजोरी का संकेत: आरपी सिंह
भाजपा नेता आरपी सिंह ने अखिलेश यादव के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाना दरअसल समाजवादी पार्टी की राजनीतिक हताशा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि अगर सपा को आज भी जनता का समर्थन हासिल है, तो पार्टी के विधायक उन मतदाताओं के लिए फॉर्म-6 और फॉर्म-7 भरें, जिनके नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की बात कही जा रही है।
UP SIR controversy: ‘आरोप लगाने से बेहतर है संवैधानिक प्रक्रिया अपनाएं’
आरपी सिंह ने कहा कि यदि कोई मतदाता जीवित है या किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित हो चुका है, तो संबंधित जनप्रतिनिधियों को संवैधानिक तरीके से अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना ठोस आधार के चुनाव आयोग पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास है।
चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल राजनीति से प्रेरित
दरअसल, अखिलेश यादव ने दावा किया था कि भाजपा नेताओं को पहले से यह जानकारी कैसे है कि कितने मतदाताओं के नाम हटाए जाएंगे, जिससे उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए थे। इस पर पलटवार करते हुए आरपी सिंह ने कहा कि यह पूरी तरह राजनीति से प्रेरित बयान हैं और इनका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है।
‘चुनावी प्रक्रिया संविधान के दायरे में’
भाजपा नेता ने दोहराया कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण एक संवैधानिक प्रक्रिया है, जिसे चुनाव आयोग तय नियमों के तहत अंजाम देता है। उन्होंने कहा कि इस पर अनावश्यक संदेह पैदा करना जनता को भ्रमित करने की कोशिश है।
UP SIR controversy: राम मंदिर मामले पर भी सख्त टिप्पणी
आरपी सिंह ने अयोध्या राम मंदिर परिसर में नमाज अदा करने की कोशिश के आरोप में हिरासत में लिए गए कश्मीरी युवक के मामले पर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि यह कोई सामान्य घटना नहीं है और इसके पीछे किसकी साजिश है, इसकी गहन जांच होनी चाहिए।
‘शांति भंग करने वालों पर कड़ी कार्रवाई जरूरी’
आरपी सिंह ने कहा कि इस तरह की घटनाएं देश में सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश हैं। उन्होंने मांग की कि यह पता लगाया जाए कि ऐसे कृत्यों को समर्थन कौन दे रहा है और देश की शांति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं।
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