ख़बर का असर

Home » महाराष्ट्र » खामेनेई की मौत पर संजय राउत का बयान, बोले– मिडिल ईस्ट में बढ़ेगा तनाव

खामेनेई की मौत पर संजय राउत का बयान, बोले– मिडिल ईस्ट में बढ़ेगा तनाव

US-Israel Attacks Iran: शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद मिडिल ईस्ट में पैदा हो सकते हालातों को लेकर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि खामेनेई सिर्फ ईरान ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में एक प्रभावशाली शख्सियत थे, जिन्हें लगभग सभी देश सम्मान देते थे, सिवाय इजराइल के।

मिडिल ईस्ट में अस्थिरता का खतरा

संजय राउत ने कहा कि अमेरिका और इजराइल के हमले में खामेनेई की मौत से मिडिल ईस्ट में तनाव और अस्थिरता बढ़ना तय है। उनका कहना था कि यह घटना सिर्फ एक देश या नेता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर वैश्विक राजनीति और सुरक्षा संतुलन पर पड़ेगा।

US-Israel Attacks Iran: भारत-ईरान की पारंपरिक दोस्ती का जिक्र

शिवसेना सांसद ने भारत और ईरान के पुराने संबंधों को याद करते हुए कहा कि भारत हमेशा से ईरान का भरोसेमंद और पारंपरिक मित्र रहा है। उन्होंने कहा कि चाहे पाकिस्तान के साथ युद्ध का समय हो या कश्मीर से जुड़ा कोई संवेदनशील मुद्दा, ईरान और खामेनेई ने हमेशा भारत का साथ दिया।

नेहरू के प्रशंसक थे खामेनेई

संजय राउत ने खामेनेई की व्यक्तिगत छवि पर बात करते हुए कहा कि वह भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के बड़े प्रशंसक थे। ऐसे नेता की हत्या पर भारत की ओर से शोक प्रकट किया जाना चाहिए था। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि आखिर केंद्र सरकार शोक जताने से क्यों डर रही है।

US-Israel Attacks Iran: सरकार पर तीखा सवाल

राउत ने कहा, “क्या सरकार को इजराइल से डर लगता है या फिर अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से?” उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी अंतरराष्ट्रीय शख्सियत की मौत पर दुख जताना भारत की कूटनीतिक जिम्मेदारी और नैतिक कर्तव्य दोनों है।

नेल्सन मंडेला का उदाहरण

उन्होंने नेल्सन मंडेला का उदाहरण देते हुए कहा कि जब मंडेला ईरान गए और खामेनेई से मिले, तो उन्होंने उन्हें अपना नेता माना था। इससे मंडेला कभी आतंकवादी नहीं कहे गए। इसी तरह सम्मान देना किसी भी तरह की कमजोरी नहीं दर्शाता।

US-Israel Attacks Iran: राजनीति से ऊपर उठने की अपील

संजय राउत ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नेताओं द्वारा दिखाए जा रहे सम्मान को नजरअंदाज करना भारत की छवि के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि इस मामले में राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रहित, कूटनीतिक मर्यादा और पारंपरिक मित्रता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

ये भी पढ़े… खामेनेई के निधन के बाद कश्मीर में तनाव, इंटरनेट सेवा बंद

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

Share this post:

खबरें और भी हैं...

Live Video

लाइव क्रिकट स्कोर

Khabar India YouTubekhabar india YouTube poster

राशिफल