Uttanmandukasana Benefits: आज की तेज़ और अनियमित दिनचर्या हमारे शरीर और मन दोनों पर असर डाल रही है। घंटों लैपटॉप और मोबाइल पर काम करना, गलत तरीके से बैठना, शारीरिक गतिविधि की कमी, लगातार तनाव और समय पर भोजन न करना—इन सब वजहों से पीठ दर्द, कंधों में जकड़न, गर्दन में दर्द, सांस लेने में परेशानी और पाचन से जुड़ी समस्याएं आम हो गई हैं।
आयुष मंत्रालय की सरल सलाह
इन्हीं दिक्कतों को दूर करने के लिए भारत सरकार का आयुष मंत्रालय एक आसान और असरदार योगासन “उत्तानमंडूकासन” करने की सलाह देता है। यह योगासन रोज़मर्रा की जिंदगी में आसानी से शामिल किया जा सकता है और ज्यादा समय भी नहीं लेता।

Uttanmandukasana Benefits: मेंढक मुद्रा से रीढ़ मजबूत
उत्तानमंडूकासन को मेंढक मुद्रा भी कहा जाता है, क्योंकि इस आसन में शरीर की स्थिति मेंढक जैसी दिखाई देती है। यह अभ्यास रीढ़ की हड्डी को मजबूत और लचीला बनाने में मदद करता है, जिससे पीठ और कमर के दर्द में राहत मिलती है। इसके साथ ही कंधों और गर्दन की मांसपेशियों में खिंचाव आता है, जकड़न कम होती है और सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस जैसी समस्याओं में भी आराम मिल सकता है।
सांस और पाचन में सुधार
यह आसन फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ाने में भी सहायक है। गहरी और संतुलित सांस लेने से सांस से जुड़ी परेशानियां कम हो सकती हैं। साथ ही, जब इस मुद्रा में बैठते हैं तो पेट के अंगों पर हल्का दबाव पड़ता है, जिससे पाचन तंत्र बेहतर काम करता है। इससे गैस और अपच जैसी समस्याएं कम हो सकती हैं और शरीर में स्फूर्ति बनी रहती है।

सही विधि से करें अभ्यास
योग विशेषज्ञों के अनुसार, इस आसन को करने के लिए सबसे पहले वज्रासन में बैठें। फिर दोनों हाथों को कोहनियों से मोड़कर पीठ के पीछे ले जाएं। इस दौरान रीढ़ को सीधा रखें और सामने की ओर देखें। सामान्य तरीके से सांस लेते रहें। इस स्थिति में लगभग 20 से 30 सेकंड तक रहें। इसके बाद धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में वापस आ जाएं। शुरुआत में इसे 2 से 3 बार करना ठीक है, और फिर अभ्यास बढ़ने पर समय धीरे-धीरे बढ़ाया जा सकता है।
लंबे समय तक बैठने की समस्या का समाधान
आजकल लोग लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठे रहते हैं, जिससे मांसपेशियों में खिंचाव और दर्द होने लगता है। ऐसे में यह आसन मांसपेशियों को सक्रिय करता है, रक्त संचार बेहतर बनाता है और तनाव कम करने में मदद करता है। आयुष मंत्रालय भी इसे नियमित रूप से करने की सलाह देता है।

Uttanmandukasana Benefits: योग है संतुलित जीवन की राह
मंत्रालय का कहना है कि योग सिर्फ शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि संतुलित और स्वस्थ जीवन जीने की एक विधि है। हालांकि, जिन लोगों को घुटनों, टखनों या गंभीर पीठ की समस्या है, उन्हें यह आसन करने से पहले डॉक्टर या योग विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। गर्भवती महिलाओं को भी अभ्यास शुरू करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लेनी चाहिए।
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