ख़बर का असर

Home » उत्तर प्रदेश » Uttar Pradesh: क्या अब भाई भी बहन का गार्जियन नहीं?

Uttar Pradesh: क्या अब भाई भी बहन का गार्जियन नहीं?

क्या अब भाई भी बहन का गार्जियन नहीं? क्या भारत जैसे सांस्कृतिक देश में अब भाई-बहन का रिश्ता भी शक के घेरे में है? क्या अब भाई अपनी बहन के साथ मंदिर, पार्क या किसी सार्वजनिक जगह पर नहीं जा सकता? ऐसे ही चुभते सवालों के साथ उत्तर प्रदेश के मऊ जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है।
UP News: वायरल वीडियो के बाद महिला थाना प्रभारी पर गिरी गाज, पद से हटाई गईं

Uttar Pradesh: क्या भारत जैसे सांस्कृतिक देश में अब भाई-बहन का रिश्ता भी शक के घेरे में है? क्या अब भाई अपनी बहन के साथ मंदिर, पार्क या किसी सार्वजनिक जगह पर नहीं जा सकता? ऐसे ही चुभते सवालों के साथ उत्तर प्रदेश के मऊ जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जहां गाजीपुर के बड़ौरा निवासी एक भाई और दो बहनों को शीतला माता मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे। जिनको महिला पुलिस इंस्पेक्टर ने पकड़ लिया। तीनों को कपल समझकर न सिर्फ पूछताछ की गई। बल्कि उनसे भाई-बहन होने का सबूत भी मांगा गया। इंस्पेक्टर मंजू सिंह ने पहले तीनों का नाम, पता पूछा, फिर उनसे उनके पिता का नाम पूछा ? मामला यहीं नहीं रुका, उनसे उनके माता-पिता से बात करने के लिए उनके माता-पिता का नम्बर लिया गया।बच्चों को अपने माता-पिता से फोन पर बात कराकर यह साबित करना पड़ा कि वे सगे भाई-बहन हैं। परिजनों से बातचीत के बाद महिला इंस्पेक्टर को जब यह यकीन हुआ कि तीनों बच्चे भाई-बहन हैं, तब जाकर उन्हें आगे जाने दिया गया। लेकिन तब तक यह सवाल खड़ा हो चुका था कि क्या अब रिश्तों पर भी सरकारी मुहर जरूरी हो गई है?

Uttar Pradesh: पुष्टि के बावजूद “गार्जियन” साथ लाने की हिदायत

हैरानी की बात यह रही कि भाई-बहन होने की पुष्टि के बावजूद महिला इंस्पेक्टर ने बच्चों को भविष्य में किसी अभिभावक के साथ बाहर आने की सलाह दी। इसी को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई कि क्या सगा भाई अपनी बहन का अभिभावक नहीं माना जा सकता।

Uttar Pradesh: सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

पूछताछ के दौरान किसी व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद लोगों की प्रतिक्रियाएं बंटी नजर आईं। कुछ ने पुलिस की सतर्कता को सही बताया, जबकि कई यूजर्स ने इसे निजता में दखल करार दिया।

यूजर्स ने उठाए तीखे सवाल

एक यूजर ने लिखा, “क्या भाई गार्जियन नहीं होता?” वहीं कुछ अन्य लोगों ने महिला अधिकारी पर जरूरत से ज्यादा सख्ती दिखाने का आरोप लगाया। कई यूजर्स ने इसे कानून के नाम पर दिखावा तक बता दिया।

महिला थाना प्रभारी ने दी सफाई

Uttar Pradesh: मामले को लेकर नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से बातचीत में महिला थाना प्रभारी मंजू सिंह ने बताया कि तीनों बच्चे नाबालिग थे। सुरक्षा के लिहाज से उनसे पूछताछ की गई और उन्हें सतर्क किया गया। उन्होंने कहा कि पूरी तरह आश्वस्त होने के बाद ही बच्चों को समझाकर छोड़ दिया गया।

ये भी पढ़े…एक बार फिर धर्म देखकर मासूमों को मारा गया

3 1 vote
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

Share this post:

खबरें और भी हैं...

Live Video

लाइव क्रिकट स्कोर

khabar india YouTube poster
Khabar India YouTube

राशिफल