Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित विधानसभा घेराव कार्यक्रम से पहले अमेठी में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। 17 फरवरी को लखनऊ में आयोजित होने वाले विरोध प्रदर्शन से पहले यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष शुभम सिंह ने आरोप लगाया है कि उन्हें उनके ही घर तक सीमित कर दिया गया है।उनके अनुसार, सुबह से उनके आवास के बाहर पुलिस बल की तैनाती की गई, जिससे वे बाहर नहीं निकल सके। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो भी उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा किया, जो तेजी से वायरल हो रहा है।
शुभम सिंह का दावा आवाज उठाने पर रोक
शुभम सिंह का कहना है कि वह मनरेगा से जुड़े मुद्दे पर पार्टी के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए लखनऊ जाने वाले थे। उनका आरोप है कि प्रशासन ने एहतियात के नाम पर उन्हें घर से बाहर निकलने से रोका। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया और कहा कि विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।उन्होंने यह भी कहा कि वे क्षेत्र में सामाजिक कार्यों से जुड़े रहते हैं और जनता के मुद्दे उठाते रहे हैं। ऐसे में उन्हें रोकना अनुचित है।
Uttar Pradesh: कांग्रेस नेताओं ने जताई आपत्ति
घटना की जानकारी मिलते ही पार्टी के अन्य स्थानीय नेता भी उनके आवास पहुंचे। कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि शांतिपूर्ण विरोध करना हर नागरिक का अधिकार है। उनका कहना है कि कार्यकर्ता तय कार्यक्रम के अनुसार लखनऊ पहुंचने का प्रयास करेंगे।
Uttar Pradesh: पुलिस का पक्ष एहतियाती निगरानी
दूसरी ओर पुलिस अधिकारियों ने किसी भी प्रकार की औपचारिक नजरबंदी से इनकार किया है। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुछ लोगों पर निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में शांति बनाए रखना प्राथमिकता है और उसी के तहत आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
17 फरवरी को क्या होगा?
विधानसभा घेराव को लेकर प्रशासन और कांग्रेस दोनों ही सक्रिय हैं। अमेठी में फिलहाल स्थिति शांत बताई जा रही है, लेकिन राजनीतिक बयानबाजी जारी है। अब सबकी नजरें 17 फरवरी को लखनऊ में होने वाले कार्यक्रम पर टिकी हैं, जहां आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।






