Uttrakhand News: उत्तराखंड के नैनीताल जिले में कड़ाके की ठंड से राहत पाने का एक गलत फैसला दो लोगों की जान ले गया। रामनगर क्षेत्र के पीरूमदारा गांव के पास एक स्टोन क्रशर परिसर में खड़े ट्रक के केबिन के भीतर दम घुटने से चाचा और भतीजे की मौत हो गई। दोनों ने सर्दी से बचने के लिए केबिन के अंदर केरोसिन का लैंप जलाया था और खिड़कियां बंद कर सो गए, जो उनके लिए जानलेवा साबित हुआ।
Uttrakhand News: माल लोड कराने पहुंचे थे रामनगर
मृतकों की पहचान उत्तर प्रदेश के संभल जिले के निवासी मोहम्मद इरफान और उनके भतीजे मोहम्मद इकरार के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, दोनों 10 जनवरी की रात ट्रक लेकर रामनगर के पास स्थित एक स्टोन क्रशर में सामग्री लेने पहुंचे थे। अगली सुबह लगभग पांच बजे ट्रक में माल लोड होने के बाद उन्होंने वाहन को क्रशर के बाहर खड़ा कर दिया।रात और सुबह की कड़ाके की ठंड से बचने के लिए दोनों ने ट्रक के केबिन में केरोसिन लैंप जलाया और ठंड रोकने के लिए केबिन को पूरी तरह बंद कर लिया। इसके बाद वे वहीं सो गए।
Uttrakhand News: सुबह नहीं मिली कोई हलचल
घटना का पता उस समय चला जब सुबह क्रशर में काम करने वाले मजदूरों ने ट्रक के केबिन में काफी देर तक कोई हलचल नहीं देखी। कई बार आवाज देने पर भी अंदर से कोई जवाब नहीं आया। अनहोनी की आशंका होने पर मजदूरों ने ट्रक का शीशा तोड़ा और अंदर झांककर देखा, जहां दोनों बेसुध हालत में पड़े थे।स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को तत्काल रामनगर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
दम घुटने से मौत की आशंका
प्रारंभिक जांच में पुलिस और चिकित्सकों ने आशंका जताई है कि बंद केबिन में केरोसिन लैंप जलने से ऑक्सीजन की कमी हो गई और जहरीली गैसें भर गईं, जिससे दोनों का दम घुट गया। इसी कारण उनकी मौत होने की संभावना जताई जा रही है।
Uttrakhand News: पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल जांच में किसी भी प्रकार की साजिश या बाहरी हस्तक्षेप के संकेत नहीं मिले हैं। इस दर्दनाक घटना के बाद पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ठंड के मौसम में बंद कमरों, ट्रक के केबिन या किसी भी सीमित जगह पर आग, अंगीठी, केरोसिन लैंप या गैस से चलने वाले उपकरणों का इस्तेमाल न करें। थोड़ी-सी लापरवाही गंभीर हादसे में बदल सकती है।इलाके में इस घटना के बाद शोक का माहौल है और स्थानीय लोग इस हादसे से गहरे सदमे में हैं।
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