Valentine’s Day: डबरा स्थित नवग्रह पीठ पर शनिवार को आयोजित अपने-अपने राम कार्यक्रम में प्रसिद्ध कवि और वक्ता डॉ. कुमार विश्वास ने वेलेंटाइन डे को लेकर पाश्चात्य संस्कृति पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि पश्चिमी समाज को प्रेम व्यक्त करने के लिए भी एक तारीख तय करनी पड़ती है, जबकि भारतीय संस्कृति हर क्षण प्रेम करना सिखाती है। हमारी परंपरा में प्रेम किसी एक दिन का विषय नहीं, बल्कि जीवन का स्थायी भाव है।
राम कथा में प्रेम ही मूल आधार
डॉ. कुमार विश्वास ने कहा कि हमारी संस्कृति में प्रेम का उदय है और प्रेम ही परिवार को जोड़ने वाला सबसे मजबूत सूत्र है। राम कथा इस बात का प्रमाण है कि प्रेम ही परिवार की सबसे सुंदर कथा है। जहां प्रेम है, वहीं संस्कार हैं और वहीं समाज मजबूत होता है। राम के जीवन से यह सीख मिलती है कि रिश्तों में त्याग, समर्पण और करुणा ही स्थायित्व लाते हैं।
Valentine’s Day: राम के विरोधियों पर व्यंग्य
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने भगवान श्रीराम पर सवाल उठाने वालों पर भी तीखा व्यंग्य किया। उन्होंने कहा कि राम पर किसी तरह का संदेह नहीं करना चाहिए। जो लोग राम पर प्रश्नचिह्न लगाते हैं, उनके लिए चिंता करने या बुरा मानने की आवश्यकता नहीं है। ऐसा मान लेना चाहिए कि या तो उनकी दृष्टि कमजोर हो चुकी है या फिर सत्य देखने की क्षमता खो रही है।
परिवार और भाईचारे का संदेश
डॉ. कुमार विश्वास ने पारिवारिक मूल्यों पर जोर देते हुए कहा कि प्रेम की गोद जब हल्की हो जाती है, तभी परिवार टूटते हैं। राम कथा सिखाती है कि बड़ा भाई छोटे भाई को सम्मान दे और उसकी सेवा करे, वहीं बड़े भाई को छोटे भाई से पिता समान प्रेम करना चाहिए। यदि इन आदर्शों को अपनाया जाए तो हर घर अयोध्या बन सकता है।
Valentine’s Day: श्रद्धालुओं की रही बड़ी उपस्थिति
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और श्रोता मौजूद रहे। डॉ. कुमार विश्वास के विचारों और राम कथा से जुड़े संदेशों ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया और पारिवारिक व सांस्कृतिक मूल्यों पर आत्मचिंतन का अवसर प्रदान किया।
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