Varanasi News: वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर चल रहे रीडेवलपमेंट कार्य को लेकर सोशल मीडिया पर कथित AI-जनरेटेड तस्वीरें और भ्रामक वीडियो वायरल किए गए। इन पोस्ट्स में घाट के सौंदर्यीकरण को लेकर ऐसे दावे किए गए, जो मौके की वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाते थे। पुलिस के अनुसार, इन तस्वीरों का उद्देश्य जनता को गुमराह करना और भ्रम फैलाना था।
धार्मिक भावनाएं भड़काने का आरोप
पुलिस जांच में सामने आया कि कुछ तस्वीरों और वीडियो में हिंदू देवी-देवताओं को गलत और आपत्तिजनक तरीके से दिखाया गया। अधिकारियों का कहना है कि यह कंटेंट जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, सामाजिक तनाव पैदा करने और सौहार्द बिगाड़ने के इरादे से पोस्ट किया गया। इन पोस्ट्स पर बड़ी संख्या में उकसाने वाले कमेंट्स भी आए, जिससे मामला और गंभीर हो गया।
Varanasi News: 8 लोगों और X हैंडल्स पर FIR
इस मामले में चौक थाना पुलिस ने 8 एफआईआर दर्ज की हैं। एफआईआर में 8 व्यक्तियों के साथ-साथ कुछ सोशल मीडिया X हैंडल्स को भी नामजद किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इनमें कांग्रेस और आम आदमी पार्टी से जुड़े कुछ नेताओं के नाम भी शामिल हैं। शिकायत एक निजी कंपनी की ओर से दी गई थी, जो 15 नवंबर 2025 से घाट से जुड़ी सुविधाओं के उन्नयन का कार्य कर रही है।
पुलिस की चेतावनी, अफवाह फैलाने वालों पर सख्ती
एसीपी अतुल अंजन ने साफ कहा है कि मणिकर्णिका घाट से जुड़े रीडेवलपमेंट कार्य को लेकर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में भी कोई व्यक्ति सोशल मीडिया पर झूठा या गुमराह करने वाला कंटेंट पोस्ट करता है, तो उसके खिलाफ बिना ढिलाई के कार्रवाई की जाएगी। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब घाट के विकास कार्य को लेकर पहले से ही कुछ स्थानीय विरोध और विरासत से जुड़ी चिंताएं मौजूद हैं।
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