Vedanta Chairman Son Death: वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल का अमेरिका में 49 साल की उम्र में निधन हो गया। इस खबर के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त किया और श्रद्धांजलि दी।
अग्निवेश का अमेरिका में दुखद निधन
प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा, “श्री अग्निवेश अग्रवाल का असामयिक निधन बहुत दुखद और स्तब्ध करने वाला है। प्रार्थना है कि उनके परिवार को इस कठिन समय में शक्ति और साहस मिले। ओम शांति।”
उद्योगपति अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर बताया कि यह उनके जीवन का सबसे दुखद दिन है। उन्होंने लिखा, “मेरा बेटा अग्निवेश अब हमारे बीच नहीं है। जब किसी पिता के कंधे पर बेटे की अर्थी जाती है, इससे बड़ा दर्द और क्या हो सकता है। अग्निवेश अपने दोस्त के साथ अमेरिका में स्कीइंग कर रहा था, जहां एक हादसा हुआ। माउंट सिनाई हॉस्पिटल, न्यूयॉर्क में सब ठीक हो रहा था, लेकिन अचानक उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया और वह हमें छोड़कर चले गए।”
Today is the darkest day of my life.
My beloved son, Agnivesh, left us far too soon. He was just 49 years old, healthy, full of life, and dreams. Following a skiing accident in the US, he was recovering well in Mount Sinai Hospital, New York. We believed the worst was behind us.… pic.twitter.com/hDQEDNI262
— Anil Agarwal (@AnilAgarwal_Ved) January 7, 2026
Vedanta Chairman Son Death: अनिल अग्रवाल ने किया भावपूर्ण संदेश साझा
अनिल अग्रवाल ने बताया कि अग्निवेश का जन्म 3 जून 1976 को पटना में हुआ था। मिडिल क्लास बिहारी परिवार में जन्मे अग्निवेश बचपन से ही चंचल और हंसमुख थे। वह अपनी बहन प्रिया के प्रति बहुत प्रोटेक्टिव थे।
अग्निवेश ने मेयो कॉलेज, अजमेर से पढ़ाई की। वह बॉक्सिंग चैंपियन, हॉर्स राइडिंग में माहिर और एक बेहतरीन म्यूजिशियन थे। उन्होंने फुजैराह गोल्ड जैसी कंपनी की स्थापना की और हिंदुस्तान जिंक के चेयरमैन भी बने। इसके बावजूद अग्निवेश बहुत साधारण और जमीन से जुड़े व्यक्ति थे।
अनिल अग्रवाल ने बताया, “अग्निवेश सिर्फ मेरा बेटा नहीं, बल्कि मेरा दोस्त और मेरी शान था। उसका जीवन इंसानियत, जिंदादिली और सच्चाई से भरा था।”
75 प्रतिशत संपत्ति समाज कल्याण के लिए
उन्होंने आगे लिखा कि अग्निवेश के साथ उनका सपना था कि भारत आत्मनिर्भर बने और किसी भी बच्चे को भूखा या अनपढ़ न रहना पड़े। उन्होंने वादा किया था कि संपत्ति का 75% समाज और जनकल्याण के लिए इस्तेमाल करेंगे। अनिल अग्रवाल ने यह भी कहा कि अग्निवेश के बिना जीवन अधूरा है, लेकिन उनके सपने अधूरे नहीं रहेंगे। उन्होंने समाज सेवा और देश की भलाई के लिए अपनी बाकी जिंदगी समर्पित करने का संकल्प लिया है।







