VOTE CHORI: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद मनोज झा ने चुनावों में धांधली और वोट चोरी को लेकर कांग्रेस के आरोपों का समर्थन करते हुए कहा है कि इस पूरे मुद्दे को केवल दस्तावेजों तक सीमित न रखकर बड़े परिप्रेक्ष्य में देखने की जरूरत है। उन्होंने चुनाव आयोग पर एक खास राजनीतिक दल के प्रति झुकाव का आरोप लगाते हुए निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए।
चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल
मीडिया से बातचीत में मनोज झा ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सबसे अहम है, लेकिन हाल के अनुभव इसके विपरीत संकेत देते हैं। उन्होंने कहा, “दस्तावेजों से परे हमने चुनाव आयोग का घमंड और एक खास पार्टी की ओर साफ झुकाव देखा है। यह लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है।” मनोज झा ने बताया कि उन्होंने अक्टूबर महीने में चुनाव आयोग को एक पत्र लिखकर कुछ अहम मुद्दों पर ध्यान दिलाया था, लेकिन अब तक उसका कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि पहले चुनावों के दौरान सीधे वित्तीय लेन-देन पर रोक लगाई जाती थी, लेकिन इस बार इस दिशा में गंभीरता नहीं दिखाई गई।
VOTE CHORI: लेवल प्लेइंग फील्ड खत्म होने का आरोप
राजद सांसद ने आरोप लगाया कि मौजूदा हालात में “लेवल प्लेइंग फील्ड” पूरी तरह खत्म हो चुकी है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को समान अवसर नहीं मिल पा रहा है, जिससे चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। मनोज झा के मुताबिक, रामलीला मैदान में आयोजित रैली के बाद इस मुद्दे को और मजबूती से उठाया जाएगा।
VOTE CHORI: मनरेगा का नाम बदलने पर आपत्ति
इसी बातचीत में मनोज झा ने मनरेगा योजना का नाम बदलकर ‘पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार योजना’ किए जाने पर भी कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह सरकार की संकीर्ण सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “देश में रोजगार के दिन बढ़ाने, मजदूरी बढ़ाने और शहरी क्षेत्रों में रोजगार सुनिश्चित करने जैसे गंभीर सवाल थे, लेकिन सरकार ने नाम बदलने को ही समाधान मान लिया।”
लोकतंत्र के लिए खतरे की चेतावनी
मनोज झा ने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत रहेगा, जब चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी होगी। उन्होंने मांग की कि चुनावों में धांधली और वोट चोरी के आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि जनता का भरोसा बना रहे।
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