West Bengal news: लगातार करीब 24 घंटे तक शहर और आसपास के इलाकों में दहशत फैलाने के बाद आखिरकार एक बिछड़े हुए हाथी को वन विभाग ने सुरक्षित रूप से काबू में कर लिया। जलपाईगुड़ी के वार्ड नंबर-1 स्थित बैकुंठपुर राजबाड़ी क्षेत्र में देर रात करीब तीन बजे वन विभाग के अधिकारियों ने तीन ट्रैंक्विलाइज़र (बेहोशी की) गोलियां चलाकर हाथी को नियंत्रित किया।
सुबह चाय बागान में घुसा हाथियों का झुंड
सोमवार सुबह करीब छह बजे बैकुंठपुर जंगल से सटे करलावैली चाय बागान में तीन हाथियों का एक झुंड घुस आया था। झुंड में दो पूर्ण वयस्क और एक सब-एडल्ट (किशोर) हाथी शामिल था। चाय बागान के जलाशय को पार करने के दौरान किशोर हाथी बाकी दोनों वयस्क हाथियों से बिछड़ गया और दिनभर इलाके में घूमता रहा।
West Bengal news: शाम को कॉलेज के पास जंगल में छिपा
रात करीब आठ बजे हाथी वार्ड नंबर-21 स्थित आनंद चंद्र कॉलेज के पास जंगल में छिप गया। वनकर्मियों ने उसे जंगल की ओर लौटाने का प्रयास किया, लेकिन हाथी करला नदी पार कर वार्ड नंबर-1 के बैकुंठपुर राजबाड़ी क्षेत्र के जंगल में दाखिल हो गया, जिससे स्थानीय लोगों में डर का माहौल बन गया।
West Bengal news: बेहोशी की गोली से किया गया नियंत्रित
हाथी के शहर में बने रहने और स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए वन विभाग ने विभिन्न इलाकों से अतिरिक्त वनकर्मियों को बुलाया। देर रात कोई अन्य विकल्प न बचने पर अधिकारियों ने हाथी को बेहोशी की गोली देने का फैसला किया और तीन ट्रैंक्विलाइज़र शॉट्स के बाद उसे सुरक्षित रूप से काबू में कर लिया।

रात करीब तीन बजे क्रेन की मदद से हाथी को डंपर में लादकर इलाज के लिए ले जाया गया। विभागीय वन अधिकारी विकास वी. ने बताया कि उपचार के बाद हाथी को दोबारा जंगल में छोड़ दिया जाएगा। हाथी के सुरक्षित रेस्क्यू होने से शहरवासियों ने राहत की सांस ली है।
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