₹13 Trillion Wealth Creation: भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित ट्रेड डील की घोषणा के बाद मंगलवार को शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, बाजार खुलने के महज 15 मिनट के भीतर निवेशकों की संपत्ति में करीब ₹13 लाख करोड़ का इजाफा हो गया। तेजी के चलते बीएसई सेंसेक्स में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप बढ़कर ₹468.32 लाख करोड़ पर पहुंच गया।
सेंसेक्स-निफ्टी में करीब 5% की छलांग
मंगलवार 3 फरवरी को बाजार खुलते ही रॉकेट की तरह ऊपर चढ़ता नजर आया।
-
सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में करीब 3,500 अंक उछलकर 85,323 के स्तर पर पहुंच गया।
-
वहीं निफ्टी 50 ने लगभग 1,200 अंक (4.7%) की बढ़त के साथ 26,308 का स्तर छू लिया।
इसके साथ ही मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी करीब 3.4% की तेजी दर्ज की गई, जो पिछले कई महीनों में देखने को नहीं मिली थी।
₹13 Trillion Wealth Creation: बाजार में तेजी के 5 बड़े कारण
₹13 Trillion Wealth Creation: भारत-अमेरिका ट्रेड डील
कई महीनों की बातचीत के बाद भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर सहमति बनी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका भारत पर लगाए जाने वाले रिसिप्रोकल टैरिफ को 50% से घटाकर 18% करेगा। वहीं भारत भी अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ में कटौती करेगा। इस समझौते से विदेशी निवेशकों (FII) की लंबे समय से बनी चिंता कम हुई।
₹13 Trillion Wealth Creation: रुपये की मजबूती
तेजी को भारतीय रुपये की मजबूती से भी सहारा मिला। रुपया पिछले बंद स्तर के मुकाबले 90.40 पर खुला।
विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत-अमेरिका और भारत-EU ट्रेड डील से रुपये को मजबूती मिली है, जिसका सकारात्मक असर शेयर बाजार पर दिखा।
FII की शॉर्ट कवरिंग
मंगलवार की तेज रिकवरी के पीछे FII की शॉर्ट कवरिंग भी बड़ी वजह रही। तकनीकी रूप से बाजार को सपोर्ट मिला क्योंकि शॉर्ट पोजीशन करीब 90% तक पहुंच चुकी थीं। निफ्टी ओवरसोल्ड जोन से निकलकर 26,000 के ऊपर टिक गया।
हैवीवेट शेयरों की मजबूत भूमिका
इस रैली में दिग्गज शेयरों ने बाजार की कमान संभाली।
-
रिलायंस इंडस्ट्रीज करीब 4% चढ़ा।
-
अडानी पोर्ट्स में लगभग 8% की तेजी रही।
-
HDFC बैंक, एलएंडटी, बजाज फाइनेंस, ICICI बैंक और इंफोसिस में भी 5% तक की बढ़त देखने को मिली।
बजट में ग्रोथ पर फोकस
यूनियन बजट 2026 में सरकार द्वारा कैपेक्स (पूंजीगत खर्च) पर जोर दिए जाने से ग्रोथ को लेकर उम्मीदें मजबूत हुईं।
ऑर्डर बुक बढ़ने और आर्थिक गतिविधियों में तेजी की उम्मीद ने बाजार की रैली को और बल दिया।
निवेशकों में बढ़ा भरोसा
विश्लेषकों का मानना है कि ट्रेड डील, मजबूत रुपया और बजट सपोर्ट के चलते बाजार में सेंटिमेंट मजबूत हुआ है। अगर वैश्विक संकेत अनुकूल रहे, तो आने वाले दिनों में बाजार की तेजी जारी रह सकती है।
यह भी पढे़ : दिल्ली के 159 साल पुराने लोहे के पुल के दिन गिने-चुने, नया आधुनिक पुल बनाने की तैयारी तेज







