Operation Trident: मोदी सरकार ने नशीले पदार्थों के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘ऑपरेशन ट्राइडेंट’ शुरू किया है। गृह मंत्रालय के मुताबिक, इस ऑपरेशन के तहत असम, मिजोरम और मणिपुर में एक साथ 38 स्थानों पर छापेमारी की गई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि कार्रवाई के दौरान 100 करोड़ रुपये के हवाला लेनदेन का पता चला, जबकि 1,424 बैंक खाते फ्रीज किए गए हैं। इसके अलावा, 17.82 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई और 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
Operation Trident: क्या है ऑपरेशन ट्राइडेंट?
गृह मंत्रालय की प्रेस रिलीज के मुताबिक, ‘ऑपरेशन ट्राइडेंट’ नशीले पदार्थों के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है। इस अभियान के तहत 38 टीमों ने असम, मिजोरम और मणिपुर में एक साथ 38 स्थानों पर छापेमारी की। इस ऑपरेशन का उद्देश्य केवल नशीले पदार्थों को जब्त करना नहीं, बल्कि इनके कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क को खत्म करना है। इसके तहत नशीले पदार्थों की तस्करी, अवैध वित्तीय लेनदेन और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर कार्रवाई करने पर जोर दिया गया है।
Operation Trident: ऑपरेशन ट्राइडेंट का क्या है मकसद?
गृह मंत्रालय के अनुसार, इस अभियान की रणनीति नशीले पदार्थों की बरामदगी से आगे बढ़कर उनके पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने पर केंद्रित है। इसके तहत असम, मिजोरम और मणिपुर में सक्रिय अंतरराष्ट्रीय नार्को-फाइनेंशियल सिंडिकेट के खिलाफ कई एजेंसियों ने मिलकर कार्रवाई की। सरकार की रणनीति नशीले पदार्थों के कारोबार से होने वाली कमाई और उससे जुड़े वित्तीय तंत्र को निशाना बनाने की है। मंत्रालय ने बताया कि यह अभियान ‘नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट (2026-2029)’ के तहत अपनाए गए दृष्टिकोण के अनुरूप है।
अमित शाह ने ऑपरेशन को लेकर क्या बताया?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए इस कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों के खिलाफ मोदी सरकार की कार्रवाई जारी है। अमित शाह के मुताबिक, 23 अक्टूबर को असम, मिजोरम और मणिपुर में 38 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई। उन्होंने दावा किया कि इस कार्रवाई में एक अंतरराष्ट्रीय नार्को-कार्टेल को ध्वस्त किया गया।
100 करोड़ रुपये के हवाला लेनदेन का पता चला
अमित शाह द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, ऑपरेशन ट्राइडेंट के दौरान कई महत्वपूर्ण वित्तीय गतिविधियों का पता चला। कार्रवाई में सामने आए प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं:
– हवाला लेनदेन: 100 करोड़ रुपये के लेनदेन का पता चला।
– बैंक खाते: 1,424 बैंक खाते फ्रीज किए गए।
– संपत्ति जब्त: 17.82 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई।
– डेटोनेटर बरामद: 500 डेटोनेटर बरामद किए गए।
– नकदी बरामद: 12 लाख रुपये नकद मिले।
– गिरफ्तारियां: 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
गृह मंत्री के मुताबिक, ये कार्रवाई नशीले पदार्थों के कारोबार से जुड़े नेटवर्क और उसके वित्तीय तंत्र को निशाना बनाने के लिए की गई।
नशे के नेटवर्क पर कार्रवाई की तैयारी
ऑपरेशन ट्राइडेंट के जरिए सरकार ने नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े नेटवर्क और उसकी आर्थिक गतिविधियों पर कार्रवाई करने पर जोर दिया है। असम, मिजोरम और मणिपुर में एक साथ की गई छापेमारी को इसी रणनीति का हिस्सा बताया गया है। गृह मंत्रालय के अनुसार, सरकार का लक्ष्य नशीले पदार्थों के कारोबार को बढ़ावा देने वाले नेटवर्क और वित्तीय तंत्र को कमजोर करना है, ताकि ऐसे सिंडिकेट के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
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