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राष्ट्रीय

फर्जी हस्ताक्षर मामले में CID के सामने पेश हुए अभिषेक बनर्जी
Abhishek Banerjee: पश्चिम बंगाल की राजनीति में चर्चित फर्जी हस्ताक्षर मामले में तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी गुरुवार को आपराधिक जांच विभाग के मुख्यालय भवानी भवन पहुंचे, जहां उनसे पूछताछ शुरू की गई। कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद अभिषेक बनर्जी निर्धारित समय से पहले ही जांच एजेंसी के समक्ष उपस्थित हुए। यह मामला विधानसभा में विपक्ष के नेता के चयन से जुड़ी एक चिट्ठी में कथित हस्ताक्षर जालसाजी के आरोपों से संबंधित है। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद पहुंचे भवानी भवन अभिषेक बनर्जी गुरुवार को दिल्ली से कोलकाता लौटे। हवाई अड्डे से घर पहुंचने के बाद वह शाम



टीएमसी-कांग्रेस विलय की अटकलों पर लगा पूर्ण विराम

परीक्षा अनियमितताओं पर देशव्यापी आंदोलन शुरू


Delhi Fire: मायापुरी फैक्ट्री में भीषण आग, इमारत ढही

India Talent: दुनिया में भारतीय प्रतिभाओं का बढ़ा दबदबा

टीएमसी नहीं छोड़ेंगे शत्रुघ्न, बोले- दीदी के साथ हूं


राज्य

नोएडा में दौड़ेंगी ई-बसें, CM योगी दिखाएंगे हरी झंडी, जानें कितना होगा किराया?
UP News: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में ई-बस सेवा की शुरुआत होने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को इन बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। तेजी से पूरी की जा रही तैयारियां कार्यक्रम का आयोजन सेक्टर-33ए स्थित शिल्प हाट में किया जाएगा, जिसकी तैयारियां तेजी से पूरी की जा रही हैं। बताया गया है कि उद्घाटन समारोह में करीब 300 लोगों के शामिल होने की संभावना है। इस अवसर पर 10 इलेक्ट्रिक बसें शिल्प हाट परिसर में
राजनीति

ममता बनर्जी के कांग्रेस में शामिल होने की चर्चाएं तेज, क्या ऐसा संभव है ?
New Delhi: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद ममता बनर्जी को झटके पर झटके लग रहे हैं।न सिर्फ विधायकों और सांसदों ने उनका साथ छोड़ा, बल्कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) का अस्तित्व भी संकट में पड़ गया है। ऐसे में सवाल यह है कि अब ममता को अपना राजनीतिक अस्तित्व बचाए रखने के लिए क्या विकल्प चुनना चाहिए ? ममता के सामने एक सीधा सा विकल्प यह है कि वे राष्ट्रीय स्तर पर INDIA गठबंधन की मजबूती के लिए पूरी ताकत के साथ जुट जाएं। दूसरा विकल्प यह है कि वे तृणमूल कांग्रेस के बचे हुए समर्थकों के साथ अपनी मूल पार्टी कांग्रेस में वापसी कर जाएं।









































































































































