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खरगे को टोकने वाले संतोष कुमार ने खुद को बताया कांग्रेसी, BJP समर्थक समझकर हुई मारपीट; जानें पूरा मामला

Santosh Kumar:

Santosh Kumar: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बिहार दौरे के दौरान पटना में एक कार्यक्रम में उस समय विवाद हो गया, जब एक शख्स ने भाषण के बीच उन्हें टोक दिया। इस शख्स की पहचान संतोष कुमार के रूप में हुई है। संतोष ने खुद को कांग्रेस का समर्थक बताया है। उनका आरोप है कि कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने उन्हें भारतीय जनता पार्टी (BJP) का समर्थक समझ लिया और उनके साथ मारपीट की। यह घटना बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान हुई। इस दौरान खरगे ने भी मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर विवादित टिप्पणी की। आइए जानते हैं कि आखिर पूरा मामला क्या है।

Santosh Kumar: मल्लिकार्जुन खरगे के भाषण के दौरान क्या हुआ?

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पटना में श्रीकृष्ण सिंह की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान संतोष कुमार ने उन्हें बीच में टोकते हुए कहा कि जब तक देश में विद्रोह नहीं होगा, तब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नहीं जाएंगे।रिपोर्ट के मुताबिक, खरगे को लगा कि संतोष कुमार प्रधानमंत्री मोदी के समर्थन में बोल रहे हैं। इसके बाद खरगे ने मंच से टिप्पणी करते हुए कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।” इस घटनाक्रम के बाद कार्यक्रम में मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संतोष कुमार के साथ मारपीट की और उन्हें सभागार से बाहर निकाल दिया।

Santosh Kumar: संतोष कुमार ने खुद को बताया कांग्रेस का समर्थक

कार्यक्रम से बाहर निकाले जाने के बाद संतोष कुमार ने खुद को कांग्रेस पार्टी का समर्थक बताया। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार का विरोध करना था। संतोष ने सवाल उठाया कि क्या देश में प्रधानमंत्री मोदी का विरोध नहीं हो रहा है? उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों से नरेंद्र मोदी सरकार की नीतियों के कारण देश की जनता परेशान है। उन्होंने किसानों और दूसरे मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष को सरकार के खिलाफ और मजबूती से आवाज उठानी चाहिए।

BJP समर्थक समझने की गलतफहमी में हुई मारपीट?

संतोष कुमार के मुताबिक, कार्यक्रम में मौजूद लोगों को गलतफहमी हो गई थी कि वह बीजेपी के समर्थक हैं। इसी वजह से उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस अध्यक्ष के सामने अपना विरोध दर्ज कराना चाहते थे। उनका कहना था कि जब तक विपक्ष सरकार के खिलाफ कड़ा विरोध नहीं करेगा, तब तक सत्ता परिवर्तन संभव नहीं होगा। संतोष के बयान के मुताबिक, वह प्रधानमंत्री मोदी के समर्थन में नहीं, बल्कि उनकी सरकार की नीतियों के विरोध में बोल रहे थे।

नरेंद्र मोदी सरकार पर संतोष कुमार ने क्या आरोप लगाए?

संतोष कुमार ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में सरकार ने देश की जनता, किसानों और समाज से जुड़े मुद्दों पर उचित कदम नहीं उठाए। उन्होंने कहा कि देश की करीब 144 करोड़ आबादी सरकार की नीतियों से प्रभावित हो रही है। संतोष ने विपक्ष से अपेक्षा जताई कि वह सरकार के खिलाफ एकजुट होकर कड़ा विरोध दर्ज कराए। हालांकि, ये आरोप संतोष कुमार के अपने बयान हैं।

खरगे की टिप्पणी को लेकर भी हुआ विवाद

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई टिप्पणी भी चर्चा में आ गई। रिपोर्ट के मुताबिक, खरगे ने संतोष कुमार की बात को गलत समझने के बाद मंच से कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।” इस बयान को लेकर राजनीतिक विवाद भी सामने आया। कार्यक्रम में हुई मारपीट और बयानबाजी ने पूरे घटनाक्रम को चर्चा का विषय बना दिया।

क्या है पूरे मामले का निष्कर्ष?

पटना में श्रीकृष्ण सिंह की जयंती के कार्यक्रम में हुआ यह घटनाक्रम एक बयान को लेकर पैदा हुई कथित गलतफहमी से जुड़ा है। संतोष कुमार ने खुद को कांग्रेस का समर्थक बताते हुए कहा कि वह केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध कर रहे थे। उनके मुताबिक, उन्हें बीजेपी समर्थक समझने के कारण उनके साथ मारपीट की गई। वहीं, इस घटना के दौरान खरगे की टिप्पणी भी विवाद का हिस्सा बन गई। पूरे मामले में संतोष कुमार के आरोपों और कार्यक्रम में हुए घटनाक्रम को अलग-अलग समझना जरूरी है।

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