UP News: बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) का बुलडोज़र मंगलवार दोपहर एक बार फिर गरजा। इस बार निशाना बने समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और आज़म ख़ान के क़रीबी सरफ़राज वली ख़ान। शहर के सूफ़ी टोला में स्थित ऐवान-ए-फ़रहत बरातघर पर BDA ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी। यह बरातघर लंबे समय से सपा से जुड़े सरफ़राज वली ख़ान का है।
बुलडोज़र की कार्रवाई और विरोध
BDA की टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँची और बरातघर को गिराने के लिए दो बुलडोज़र लगाए गए। इस दौरान बरातघर में रहने वाले परिवारों ने विरोध जताया। महिलाओं ने रोते हुए कार्रवाई रोकने की गुहार लगाई, लेकिन BDA अधिकारियों ने इसे अवैध निर्माण बताते हुए कार्रवाई जारी रखी।
UP News: निशाने पर दो मैरिज हॉल, बवाल से जुड़ाव की चर्चा
BDA के रडार पर सिर्फ ऐवान-ए-फ़रहत ही नहीं है। इसके पास स्थित गुड मैरिज हॉल भी जांच के दायरे में है, जिसके मालिक राशिद ख़ान हैं। BDA के अनुसार दोनों ही निर्माण मानकों के विपरीत बनाए गए हैं।भले ही राशिद ख़ान का सीधे राजनीतिक जुड़ाव नहीं है, लेकिन सूत्रों के अनुसार वे बरेली बवाल के मुख्य आरोपी मौलाना तौक़ीर रज़ा के क़रीबी माने जाते हैं। यह भी जानकारी सामने आ रही है कि सूफ़ी टोला के जिन लड़कों ने 26 सितंबर के बवाल में हिस्सा लिया, उन्हें उकसाने और आर्थिक मदद देने वालों में राशिद ख़ान का नाम शामिल है।

UP News: सोमवार को टली थी कार्रवाई
BDA की टीम सोमवार को भी इसी क्षेत्र में कार्रवाई करने पहुँची थी। सुबह 9:30 बजे से ही पुलिस और अधिकारी क्षेत्र का दौरा करते रहे। गुड मैरिज हॉल के मालिक ने 11:17 बजे अपना सामान बाहर निकालना शुरू कर दिया था, लेकिन दोपहर 12 बजे कार्रवाई अचानक स्थगित कर दी गई और पुलिस टीम वापस लौट गई। हालांकि मंगलवार को प्राधिकरण ने पूरी तैयारी के साथ ध्वस्तीकरण का एक्शन लिया।
राजनीतिक और सुरक्षा एजेंसियों की नज़र
यह कार्रवाई सपा के कद्दावर नेता आज़म ख़ान के क़रीबी पर हुई है, जिसे अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ा अभियान माना जा रहा है। वहीं बवालियों को उकसाने के आरोपों के कारण सुरक्षा एजेंसियाँ भी इस कदम पर क़रीबी नज़र बनाए हुए हैं।
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