India-Malaysia army: भारत और मलेशिया की सेनाओं के बीच चल रहा संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘हरिमाऊ शक्ति 2025’ अब अपने सबसे महत्वपूर्ण और तेज़ प्रशिक्षण चरण में पहुँच गया है। इस चरण में दोनों देशों के सैनिक आधुनिक युद्ध की तकनीकों, हेलीकॉप्टर से उतरने की विधियों और असली युद्ध जैसी परिस्थितियों में सामरिक अभ्यास कर रहे हैं।
साझा युद्ध क्षमता बढ़ाने पर फोकस
अभ्यास का मुख्य उद्देश्य भारतीय सेना और मलेशियाई सशस्त्र बलों के बीच तालमेल, संचालन-क्षमता, और संयुक्त युद्ध तैयारियों को मजबूत करना है। सेना के अनुसार इस प्रशिक्षण के दौरान सैनिकों को आतंकवाद-रोधी और घुसपैठ-रोधी अभियानों में इस्तेमाल होने वाले आधुनिक सिद्धांतों से परिचित कराया गया।
India-Malaysia army: गश्त की चुनौतियों और रणनीति पर फोकस
अभ्यास के हिस्से के रूप में पैट्रोलिंग तकनीकों पर भी विस्तृत सत्र हुआ, जिसमें बताया गया कि आधुनिक ऑपरेशनों में गश्त कितनी जरूरी है और इसके दौरान कौन-कौन सी चुनौतियाँ आती हैं। भारत और मलेशिया की मिश्रित टुकड़ियों ने मिलकर संयुक्त गश्त का अभ्यास किया, जिससे दोनों देशों के सैनिकों के बीच समन्वय और बेहतर हुआ।
India-Malaysia army: कमांड पोस्ट अभ्यास से बेहतर नियंत्रण
छोटे सैन्य दस्तों की क्षमता बढ़ाने के लिए घात लगाकर हमला करने की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। इसके अलावा, एक कमांड पोस्ट एक्सरसाइज भी आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य युद्धक्षेत्र प्रबंधन और कमांड-एंड-कंट्रोल सिस्टम को मजबूत करना था। अभ्यास में सबसे आकर्षक हिस्सा रहा हेलीकॉप्टर स्लिदरिंग ड्रिल जिसमें सैनिक रस्सी के सहारे हवा में चल रहे हेलीकॉप्टर से नीचे उतरते हैं और लक्ष्य को नियंत्रित करते हैं। यह तकनीक घने जंगलों और कठिन इलाकों में तेजी से कार्रवाई करने के लिए बेहद उपयोगी है।
अभ्यास से मजबूत हुई रक्षा साझेदारी
लाइव फायरिंग, घात अभ्यास और संयुक्त पैट्रोलिंग जैसे मॉड्यूल्स के जरिए यह प्रशिक्षण और भी यथार्थवादी और अभियान-केंद्रित बनाया गया है। सेना का कहना है कि ‘हरिमाऊ शक्ति 2025’ दोनों देशों की रक्षा साझेदारी, भरोसे और रणनीतिक सहयोग को नई मजबूती दे रहा है।
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