CM Sharma Muslim vote: दिल्ली में एक मीडिया संस्थान के कार्यक्रम में असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा ने कहा कि राज्य में वोट योजनाओं या पैसों से प्रभावित नहीं होते, बल्कि विचारधारा और मानसिकता से तय होते हैं। उन्होंने कहा कि चाहे कोई 10 हजार रुपए दे या 1 लाख, मुस्लिम वोटर बीजेपी को वोट नहीं देंगे।
बिहार मॉडल पर सवाल, शर्मा का जवाब
कार्यक्रम में शर्मा से पूछा गया कि क्या वे बिहार की तरह महिलाओं को सीधे आर्थिक सहायता देने वाली योजना लागू करेंगे, जैसा कि नीतीश कुमार की ‘महिला रोजगार योजना’ में 21 लाख महिलाओं को 10,000 रुपए दिए जाते हैं। इस पर उन्होंने कहा कि असम के वोटर आर्थिक लाभ से प्रभावित नहीं होते।
CM Sharma Muslim vote: ‘काम पसंद है, पर वोट नहीं देंगे’
शर्मा ने एक उदाहरण साझा करते हुए बताया कि एक मुस्लिम व्यक्ति ने उनके काम की प्रशंसा करते हुए कहा कि जरूरत पड़ी तो किडनी भी दे देगा, लेकिन वोट नहीं देगा। शर्मा के मुताबिक यह दर्शाता है कि वोट विचारधारा से तय होते हैं, न कि पैसों से। उन्होंने कहा- चाहे वे 10 हजार रुपए दें या 1 लाख, मुस्लिम वोटर उन्हें वोट नहीं देंगे।
मुस्लिम आबादी बढ़ने को लेकर जताई चिंता
मुख्यमंत्री ने असम में बढ़ती मुस्लिम आबादी पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि 2021 में मुस्लिम आबादी 38% थी, जो 2027 तक 40% तक पहुंच सकती है। उन्होंने बताया कि 1961 से हर दशक में मुस्लिम जनसंख्या 4–5% की दर से बढ़ी है, जिससे राज्य की पहचान और सामाजिक संतुलन प्रभावित हो सकता है।
मियां मुसलमान से रिश्ते अच्छे, लेकिन वोट नहीं मिलेंगे
शर्मा ने कहा कि मियां मुसलमान और मुस्लिम महिलाएं उनसे व्यक्तिगत तौर पर अच्छे संबंध रखती हैं, लेकिन विचारधारा के कारण वोट बीजेपी को नहीं देंगी। उन्होंने दावा किया कि यदि सभी मुस्लिम वोट कांग्रेस को भी मिल जाएं, तब भी असम में बीजेपी की जीत पर असर नहीं पड़ेगा।
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