Yogi Baba: बहराइच में रामगोपाल मिश्रा हत्याकांड में गुरुवार को आए फैसले ने न्यायालय परिसर को भावनात्मक माहौल से भर दिया। मुख्य आरोपी सरफराज को फांसी और नौ अन्य दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाए जाने की खबर मिलते ही परिसर में मौजूद मृतक की पत्नी रोली की आंखें छलक उठीं। भीड़ से सूचना मिलते ही रोली ने भावुक होते हुए कहा “धन्यवाद मुख्यमंत्री जी… आज मेरे पति की आत्मा को शांति मिली।”
क्या था पूरा मामला?
13 अक्टूबर 2024 को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान बहराइच के महराजगंज बाजार में तनाव बढ़ गया था। डीजे बंद करने की मांग को लेकर उपजा विवाद पथराव और फायरिंग में बदल गया। इसी दौरान रामगोपाल मिश्रा आरोपियों के घर की छत पर पहुंचे, जहां धार्मिक झंडे को हटाने को लेकर विवाद भड़क गया। आरोप है कि सरफराज और उसके साथियों ने उन्हें घर में खींचकर बेरहमी से पीटा, चाकू मारा और गोली मारकर हत्या कर दी।
Yogi Baba: हिंसा और जांच
घटना के बाद पूरे इलाके में माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस और प्रशासन को हालात नियंत्रित करने में घंटों की मशक्कत करनी पड़ी। मामले की जांच में 100 से अधिक गवाहों के बयान और फोरेंसिक रिपोर्टों को शामिल किया गया।
रिकॉर्ड समय में फैसला
13 महीने 28 दिनों में 36 सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने इसे “निर्मम हत्या” मानते हुए सरफराज को फांसी और नौ दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। दोषियों को 30–90 दिनों में ऊपरी अदालत में अपील का अधिकार है।
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