manoj sinha: जम्मू और कश्मीर में आतंकवाद से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की दिशा में एक अहम पहल करते हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को श्रीनगर स्थित लोक भवन में आतंकी हमलों के पीड़ितों के परिजनों को सरकारी नियुक्ति पत्र सौंपे। उन्होंने कहा कि सरकार आतंकवाद के शिकार परिवारों को न्याय, सम्मान और स्थायी रोजगार देने के लिए प्रतिबद्ध है।
कश्मीर डिवीजन के पीड़ित परिवारों को नियुक्ति पत्र
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जानकारी दी कि कश्मीर डिवीजन के आतंकी पीड़ित परिवारों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि इन परिवारों के लिए न्याय का लंबा इंतजार अब समाप्त हो गया है। पुनर्वास के ठोस कदमों से उनकी गरिमा और शासन प्रणाली में विश्वास बहाल हुआ है।
manoj sinha: लंबे समय तक उपेक्षा के शिकार रहे आतंकी पीड़ित
एलजी ने कहा कि वर्षों तक सिस्टम ने आतंकी हिंसा से प्रभावित परिवारों के दर्द और संघर्ष को नजरअंदाज किया। आतंकवाद के असली पीड़ितों और सच्चे शहीदों के परिजनों को वह प्राथमिकता नहीं मिली, जिसके वे हकदार थे। अब प्रशासन इन पीड़ितों की आवाज को मजबूत कर रहा है।
अब तक 200 से अधिक परिवारों को सरकारी नौकरी
उपराज्यपाल ने बताया कि शनिवार को कश्मीर डिवीजन के 39 परिवारों को नियुक्ति पत्र दिए गए, जबकि इससे पहले जम्मू डिवीजन में 41 परिवारों को रोजगार दिया जा चुका है। इसके अलावा, हाल ही में नौगाम विस्फोट से प्रभावित नौ परिवारों को भी नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए हैं। वर्ष 2025 में अब तक 200 से अधिक पीड़ित परिवारों को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है।
manoj sinha: पीड़ित परिवारों के संघर्ष की कहानी
मनोज सिन्हा ने कहा कि उन्होंने कई ऐसे परिवारों से मुलाकात की है, जिन्होंने आतंकवाद में अपने प्रियजनों को खो दिया और वर्षों तक चुपचाप संघर्ष करते रहे। कई बच्चे बिना माता-पिता के बड़े हुए और कुछ परिवारों को अत्यंत कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।
आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख
उपराज्यपाल ने दोहराया कि जम्मू और कश्मीर प्रशासन आतंकवाद और उसके पूरे इकोसिस्टम को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी तरह संकल्पबद्ध है। उन्होंने कहा कि जो भी किसी भी रूप में आतंकवाद का समर्थन करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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