Bengal news: एसआईआर (Special Intensive Revision) के माहौल में पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। नदिया जिले के तहेरपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित जनसभा से ठीक पहले सीपीएम के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री पर तीखा हमला बोला है। सलीम ने आरोप लगाया कि मतुआ समुदाय को नागरिकता का लालच देकर उनके मतदान अधिकार छीनने की साजिश रची जा रही है।
‘काम बचाओ, उद्योग बचाओ, बंगाल बचाओ’ के नारे
सीपीएम की ओर से जिले भर में ‘काम बचाओ, उद्योग बचाओ, बंगाल बचाओ’ के नारे के तहत जाठा (यात्रा) निकाली जा रही है। इसी क्रम में दुर्गापुर में आयोजित सभा में सलीम ने केंद्र और भाजपा सरकार की नीतियों को जनविरोधी बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का तहेरपुर दौरा राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है। “प्रधानमंत्री तहेरपुर इसलिए आ रहे हैं क्योंकि वहां की नगरपालिका सीपीएम के कब्जे में है। लाल झंडा हटाने की कोशिश के तहत यह दौरा किया जा रहा है,” सलीम ने कहा।
Bengal news: ओडिशा का जिक्र, भाजपा पर दोहरे मापदंड का आरोप
मोहम्मद सलीम ने प्रधानमंत्री के दौरे पर सवाल उठाते हुए ओडिशा की घटनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री को तहेरपुर आने से पहले ओडिशा जाना चाहिए था। वहां हिंदू शरणार्थियों के घर जलाए जा रहे हैं, लेकिन उस पर कोई चर्चा नहीं होती।” सलीम ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनिंदा मुद्दों पर राजनीति करती है और वास्तविक जनसमस्याओं से मुंह मोड़ रही है।
Bengal news: ‘बिहार मॉडल’ पर हमला, बुलडोजर राजनीति का आरोप
सभा के दौरान सलीम ने बिहार की राजनीति का हवाला देते हुए भाजपा पर बुलडोजर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “भाजपा अब नुकसान के खाते में जा चुकी है। बिहार में चुनाव जीतने के बाद बुलडोजर राजनीति शुरू हो गई घर तोड़े जा रहे हैं, जलाए जा रहे हैं।” उन्होंने इसे लोकतंत्र और संविधान के खिलाफ बताया।
राजनीतिक तापमान चढ़ा, टकराव के संकेत
प्रधानमंत्री के प्रस्तावित तहेरपुर दौरे से पहले सीपीएम के इस तीखे हमले ने नदिया और आसपास के जिलों में राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। मतुआ समुदाय, नागरिकता और मतदान अधिकार जैसे मुद्दों पर आने वाले दिनों में राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
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