Anti-Naxal Campaign: देशभर में नक्सली ठिकानों को ध्वस्त करने के लिए सुरक्षाबल तेजी से सक्रीय हो चुके है। इसके पीछे वो अल्टीमेटम भी है जो अमित शाह ने दिया है ऐसे में छत्तीसगढ़ के नक्सल विरोधी अभियान में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने एक बड़ी सफलता हासिल की। विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर 150 बटालियन सीआरपीएफ ने शनिवार को मीनागट्टा गांव में सर्च एंड कॉर्डन ऑपरेशन (सीएएसओ) शुरू किया। सीआरपीएफ ने सोमवार को यह जानकारी दी।
Anti-Naxal Campaign: बड़ी मात्रा में जब्त किये हथियार और उपकरण
अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने बड़ी मात्रा में हथियार, उपकरण और विस्फोटक सामग्री बरामद की। इनमें आठ सिंगल शॉट राइफलें, आठ वीएचएफ सेट, वेल्डिंग तथा कटिंग मशीनें, भारी मात्रा में आईईडी बनाने में उपयोग होने वाला सामान, एएनएफओ, कॉर्डेक्स, डेटोनेटर, नक्सली वर्दी और माओवादी साहित्य शामिल है। भारी मात्रा में हथियारों की बरामदगी से संकेत मिलता है कि यह ठिकाना नक्सलियों की हथियार निर्माण और विस्फोटक तैयार करने की महत्वपूर्ण गतिविधियों का केंद्र था।
Anti-Naxal Campaign: नक्सलियों की योजनाओ को किया ध्वस्त
इस ऑपरेशन को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अंजाम दिया गया। घने और दुर्गम जंगलों के बीच पेशेवर तरीके से कार्रवाई करते हुए जवानों ने ठिकाने को नष्ट किया और सुरक्षित एफओबी पलागुड़ा लौट आए। इस ऑपरेशन के जरिए सुरक्षा बल ने नक्सलियों की एक बड़ी योजना को विफल कर दिया।
सीआरपीएफ ने दोहराया शाह का संकल्प
सीआरपीएफ ने दोहराया है कि वह मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के अपने संकल्प पर कायम है। सुरक्षा बलों का मानना है कि हथियार निर्माण और आईईडी तैयार करने वाले ठिकानों को ध्वस्त करने से नक्सल गतिविधियों पर प्रहार होगा। कमांडेंट के मार्गदर्शन में सहायक कमांडेंट रौशन झा और अजय कुमार के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान के दौरान घने जंगलों के बीच सुरक्षा बलों ने एक बड़े नक्सली ठिकाने और संदिग्ध राइफल फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया।
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