Lakhimpur Kheri: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जनपद में अपराधियों और चोरों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसकी एक बानगी बिजुआ चौकी क्षेत्र में देखने को मिली। यहाँ गुलरिया चीनी मिल के समीप स्थित वोडाफोन टावर को निशाना बनाते हुए शातिर चोरों ने सरेशाम चोरी की एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया। चोरों ने न केवल टावर रूम का ताला तोड़ा, बल्कि वहाँ रखे हजारों रुपये के नए केबल और उपकरणों पर हाथ साफ कर दिया। इस घटना ने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की गश्त पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
साजिश के तहत दिया वारदात को अंजाम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुलरिया स्थित वोडाफोन टावर पर नेटवर्क क्षमता बढ़ाने और सिग्नल को और बेहतर करने के लिए नवीनीकरण का कार्य चल रहा था। इसके लिए कंपनी की ओर से भारी मात्रा में नई केबल और अन्य तकनीकी उपकरण मंगाए गए थे। टावर संचालक जितेंद्र के अनुसार, ये सभी उपकरण टावर के सुरक्षित कक्ष (रूम) में रखे गए थे। मंगलवार की शाम (या घटना का दिन) जब टावर संचालक जितेंद्र रोज की तरह शाम के समय खाना खाने के लिए अपने निवास पर गया था, तभी घात लगाए बैठे चोरों ने इस सूनेपन का फायदा उठाया। चोरों ने बड़ी सफाई से टावर रूम का ताला तोड़ा और वहां रखी नई कीमती केबल लेकर रफूचक्कर हो गए। जब जितेंद्र वापस लौटा, तो कमरे का टूटा हुआ ताला और बिखरा हुआ सामान देखकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई।
Lakhimpur Kheri: चीनी मिल के पास व्यस्त इलाके में हुई घटना
चौंकाने वाली बात यह है कि यह टावर गुलरिया चीनी मिल के ठीक बाहर स्थित है। चीनी मिल का इलाका अमूमन लोगों की आवाजाही से भरा रहता है। ऐसे व्यस्त क्षेत्र में, वह भी सरेशाम (शाम के वक्त), चोरों द्वारा ताला तोड़कर चोरी करना यह दर्शाता है कि उन्हें कानून का कोई भय नहीं है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि शाम के वक्त इलाके में चहल-पहल रहती है, इसके बावजूद चोर इतनी बड़ी मात्रा में केबल ले जाने में सफल रहे, जो किसी बड़ी साजिश या रेकी की ओर इशारा करता है। टावर संचालक जितेंद्र ने बताया कि जो केबल चोरी हुई है, वह विशेष रूप से नए सिग्नल उपकरणों को सक्रिय करने के लिए लाई गई थी। इस चोरी के कारण अब क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क के विस्तार और सुधार का कार्य बाधित हो गया है। कंपनी को आर्थिक चपत लगने के साथ-साथ उपभोक्ताओं को भी बेहतर सिग्नल के लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है।

पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
यह घटना बिजुआ चौकी इलाके के अंतर्गत आती है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर गहरा रोष है कि पुलिस की पिकेट और गश्त के दावों के बीच चोर सरेआम वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। पीड़ित संचालक ने मामले की सूचना स्थानीय पुलिस को दे दी है। पुलिस अब मामले की छानबीन में जुट गई है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने की बात कह रही है। लखीमपुर खीरी के ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में पिछले कुछ समय से चोरी की घटनाओं में इजाफा हुआ है। कभी किसानों के पंपिंग सेट, तो कभी दुकानों के शटर काटकर चोर कीमती सामान पार कर रहे हैं। गुलरिया की इस घटना ने व्यापारियों और टावर संचालकों के बीच चिंता पैदा कर दी है। लोगों की मांग है कि रात के साथ-साथ शाम के समय भी पुलिस की गश्त बढ़ाई जाए ताकि ऐसी घटनाओं पर अंकुश लग सके।
पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि क्या इस चोरी में किसी ऐसे व्यक्ति का हाथ तो नहीं, जिसे टावर के अंदर रखे सामान और संचालक के आने-जाने के समय की सटीक जानकारी थी। केबल चोरी के गिरोह अक्सर उन जगहों को निशाना बनाते हैं जहाँ नया काम चल रहा होता है, क्योंकि वहां से तांबा और कीमती धातु निकालना आसान होता है। फिलहाल, इस घटना ने बिजुआ पुलिस के लिए एक नई चुनौती पेश कर दी है। क्या पुलिस इन शातिर चोरों को पकड़ पाएगी या फिर यह फाइल भी अन्य अनसुलझी चोरियों की तरह दफन हो जाएगी? यह आने वाला समय ही बताएगा। लेकिन इस वारदात ने इतना तो साफ कर दिया है कि लखीमपुर खीरी में ‘खाकी’ का इकबाल बुलंद करने के लिए अभी कड़ी मशक्कत की जरूरत है।
Report By: संजय कुमार राठौर
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