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माना अंधेरा घना है मगर…’ पीएम मोदी के प्रेरक शब्दों ने फिर जगाई उम्मीद

Narendra Modi: साल 2025 के समापन पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर मौजूद ‘मोदी आर्काइव’ अकाउंट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्षों पहले दिए गए प्रेरक भाषणों को साझा किया है। इन बयानों में देश के भविष्य, आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण का संदेश साफ झलकता है। ‘मोदी आर्काइव’ ने लिखा कि यह शब्द उम्मीद और दृढ़ संकल्प की याद दिलाते हैं।

सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास पर जोर

शेयर की गई 2.15 मिनट की वीडियो क्लिप में प्रधानमंत्री मोदी कहते हैं कि जीवन में निराशा के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। सकारात्मक सोच की शक्ति दुनिया को बदल सकती है। उन्होंने कहा कि भले ही हम तूफान को न रोक सकें, लेकिन अपनी नाव की दिशा बदलना हमारे हाथ में है।

Narendra Modi: संघर्षों के बीच लक्ष्य पर टिके रहने का संदेश

एक अन्य भाषण में पीएम मोदी ने कहा कि यदि दिल साफ हो, विचार स्पष्ट हों और इरादे मजबूत हों तो कुछ भी हासिल किया जा सकता है। उन्होंने जीवन के उतार-चढ़ाव को मौसम की तरह बताते हुए कहा कि बादल आते-जाते रहते हैं, लेकिन लक्ष्य की ओर निरंतर बढ़ते रहने से अंततः सफलता मिलती है।

‘दीया जलाने’ का प्रेरक आह्वान

पीएम मोदी के शायराना अंदाज को भी वीडियो में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा, “माना अंधेरा घना है, लेकिन यारो दीया जलाना कहां मना है।” इस संदेश के जरिए प्रधानमंत्री ने देशवासियों से निराशा छोड़कर उम्मीद, प्रयास और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

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