Gurmeet Ram Rahim Parole: डेरा सच्चा सौदा प्रमुख और सजायाफ्ता अपराधी गुरमीत राम रहीम को एक बार फिर जेल से बाहर आने की अनुमति मिल गई है। हरियाणा सरकार ने उसे 40 दिनों की पैरोल मंजूर की है। राम रहीम फिलहाल रोहतक स्थित जिला कारागार सुनारिया में बंद है। पैरोल अवधि के दौरान उसके सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा में रहने की संभावना जताई जा रही है।
संगीन अपराधों में सजा काट रहा राम रहीम
गौरतलब है कि गुरमीत राम रहीम दो साध्वियों से दुष्कर्म के मामले में 20 साल की सजा काट रहा है। इसके अलावा वह पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या और डेरे के मैनेजर रणजीत सिंह की हत्या के मामलों में भी दोषी ठहराया जा चुका है। इन मामलों में सीबीआई की विशेष अदालत ने उसे कठोर सजा सुनाई थी।
Gurmeet Ram Rahim Parole: पहले भी कई बार मिल चुकी है पैरोल
जानकारी के मुताबिक, इससे पहले 15 सितंबर 2025 को भी राम रहीम को 40 दिनों की पैरोल दी गई थी। मौजूदा पैरोल के साथ वह अब तक 15वीं बार जेल से बाहर आएगा। इससे पहले उसे 21 दिन और 40 दिन की पैरोल भी दी जा चुकी है, जिनमें वह सिरसा स्थित डेरे में ही रहा था।
आम कैदी बनाम वीवीआईपी पैरोल पर बड़ा सवाल
राम रहीम को बार-बार मिलने वाली पैरोल ने न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि आखिर वीवीआईपी और रसूखदार अपराधियों को ही बार-बार पैरोल क्यों मिल जाती है, जबकि आम कैदी सालों तक इसके लिए भटकते रहते हैं? जेलों में ऐसे हजारों कैदी हैं, जिनका चाल-चलन अच्छा होने के बावजूद उन्हें पैरोल नहीं मिल पाती। लेकिन प्रभावशाली और राजनीतिक पहुंच रखने वाले दोषियों को नियमों में ढील मिलती दिखाई देती है।
पीड़ित परिवारों ने जताई आपत्ति
पत्रकार रामचंद्र छत्रपति के बेटे अंशुल छत्रपति पहले भी राम रहीम की पैरोल पर सवाल उठा चुके हैं। उनका कहना है कि राम रहीम कोई सामान्य कैदी नहीं, बल्कि एक हार्ड क्रिमिनल है। ऐसे अपराधी को बार-बार पैरोल देना पीड़ित परिवारों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है।
Gurmeet Ram Rahim Parole: सरकार का तर्क, विपक्ष का हमला
हालांकि हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट में दाखिल हलफनामे में राम रहीम को हार्ड क्रिमिनल मानने से इनकार किया है। सरकार का कहना है कि उसका जेल में आचरण अच्छा है और जेल नियमों के तहत उसे पैरोल दी गई है। नियमों के अनुसार, एक कैदी को साल में अधिकतम 90 दिन की पैरोल मिल सकती है।
फिर गरमाएगी सियासत
राम रहीम की रिहाई की खबर सामने आते ही एक बार फिर सियासी माहौल गरमाने के आसार हैं। विपक्ष इसे “वीवीआईपी ट्रीटमेंट” बताते हुए सरकार को घेर सकता है।
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