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अल्सर में सही डाइट लेना क्यों है जरूरी? आयुर्वेद से जानिए वजह

अल्सर में सिर्फ दवा नहीं, सही डाइट भी उतनी ही जरूरी होती है। गलत खानपान से एसिडिटी बढ़ती है और घाव भरने में देरी होती है, जबकि हल्का, सादा और समय पर लिया गया भोजन पेट को आराम देता है। खाली पेट तीखा, चाय-कॉफी, खट्टे फल, तला-भुना और भारी भोजन से बचना चाहिए। सही डाइट अपनाने से अल्सर जल्दी ठीक होने में मदद मिलती है और दोबारा समस्या बढ़ने का खतरा भी कम होता है।
Health tips:

Health tips: अल्सर पेट की अंदरुनी परत में बना एक घाव होता है, जो ज्यादातर गलत खानपान, ज्यादा एसिड बनने, तनाव या लंबे समय तक गलत लाइफस्टाइल की वजह से होता है। ऐसे में केवल दवा लेने से ही पूरी राहत मिल जाए, यह जरूरी नहीं है। अगर खानपान सही नहीं हुआ, तो दवा भी पूरा असर नहीं दिखा पाएगी। इसलिए अल्सर में दवा के साथ-साथ सही डाइट लेना बहुत जरूरी हो जाता है।

गलत खानपान से बढ़ती एसिडिटी

जब पेट में घाव होता है, तो गलत भोजन एसिड को और बढ़ा देता है। ज्यादा एसिड बनने से घाव में जलन होती है और उसे भरने में ज्यादा समय लगता है। वहीं, अगर खाना हल्का, सादा और समय पर लिया जाए, तो पेट को आराम मिलता है और घाव भरने की प्रक्रिया तेज होती है। इसलिए अल्सर के मरीज को दिनभर के खाने पर खास ध्यान देना चाहिए।

Health tips: खाली पेट तीखा और चाय-कॉफी नुकसानदेह

सुबह उठते ही खाली पेट बहुत तीखा या भारी कुछ नहीं लेना चाहिए। हल्का गुनगुना पानी पीना सबसे अच्छा रहता है। अगर शरीर को सूट करे तो थोड़ा सा नारियल पानी भी लिया जा सकता है। सुबह खाली पेट चाय या कॉफी पीने की आदत अल्सर में नुकसान कर सकती है, इसलिए इससे बचना चाहिए।

Health tips: खट्टे व तले विकल्पों से करे परहेज

नाश्ते में दलिया एक सुरक्षित और अच्छा विकल्प है। इसके अलावा ओट्स या पतली खिचड़ी भी ली जा सकती है। सादा ब्रेड के साथ थोड़ा सा घी चल सकता है, लेकिन बहुत मसालेदार पराठे या तला-भुना नाश्ता नहीं करना चाहिए। फल भी सोच-समझकर खाने चाहिए। पका केला अल्सर में फायदेमंद माना जाता है और पपीता पेट को ठंडक देता है। सेब को छीलकर खाना बेहतर रहता है। संतरा, नींबू, अनानास और कच्चे आम जैसे खट्टे फलों से फिलहाल दूरी बनानी चाहिए क्योंकि ये एसिड बढ़ाते हैं।

तला-भुना और ज्यादा मसाले से बचें

दोपहर के खाने में सादा चावल या रोटी लें। मूंग दाल या अरहर दाल हल्की होती है। लौकी, तोरी और टिंडे जैसी सब्जियां पेट के लिए अच्छी मानी जाती हैं। इस समय बहुत भारी खाना, तली हुई चीजें, अचार और ज्यादा मसालेदार सब्जी से बचना चाहिए। पेट भरकर खाना भी नुकसानदायक हो सकता है।

चाय-कॉफी और भारी भोजन से दूरी है जरुरी

शाम को हल्की भूख लगे तो भुना चना या मुरमुरा लिया जा सकता है। हर्बल चाय ठीक रहती है, लेकिन बिस्किट और नमकीन से बचना चाहिए। दिन में बार-बार चाय पीना नुकसान करता है और कॉफी तो अल्सर में ठीक नहीं मानी जाती। रात का खाना हमेशा हल्का रखें। खिचड़ी या सब्जी-रोटी पर्याप्त होती है। सोने से 2-3 घंटे पहले खाना खा लेना चाहिए। बहुत भारी, तेल-मसाले वाला भोजन, देर रात दूध पीना और खाने के तुरंत बाद लेटना अल्सर में बड़ी गलती मानी जाती है।

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