IPAC Raid Case: इंडिया पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पैक) के कार्यालय और उसके सह-संस्थापक प्रतीक जैन के आवास पर हुई छापेमारी के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया। ईडी ने अदालत में दावा किया कि जांच के दौरान जानबूझकर बाधा डाली गई, जिससे एजेंसी का काम प्रभावित हुआ।
सीबीआई जांच की मांग, तत्काल सुनवाई की अपील
ईडी की ओर से दायर याचिका में इस पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की गई है। एजेंसी ने कोर्ट से केस दर्ज करने की अनुमति मांगी और मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल सुनवाई का आग्रह किया। इस पर सुनवाई करते हुए जस्टिस शुभ्रा घोष ने ईडी को मामला दर्ज करने की अनुमति दे दी। अदालत ने इस याचिका पर दोपहर 2:30 बजे विस्तृत सुनवाई तय की है।
IPAC Raid Case: जांच में हस्तक्षेप का आरोप, कोर्ट को दी गई जानकारी
ईडी के वकील ने अदालत को बताया कि गुरुवार को तलाशी अभियान के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कथित तौर पर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और जानकारियां अपने साथ ले गईं। इससे जांच प्रक्रिया में प्रत्यक्ष रूप से रुकावट पैदा हुई। ईडी का आरोप है कि यह कदम जानबूझकर जांच को प्रभावित करने के उद्देश्य से उठाया गया, जिसे गंभीर अपराध की श्रेणी में रखा जाना चाहिए।
टीएमसी की याचिका से जुड़ा मामला, संयुक्त सुनवाई की मांग
ईडी ने यह भी दलील दी कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की ओर से दायर याचिका भी इसी घटनाक्रम से जुड़ी हुई है। ऐसे में दोनों मामलों की एक साथ सुनवाई होनी चाहिए, ताकि पूरे घटनाक्रम की समग्र जांच संभव हो सके।
IPAC Raid Case: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी पक्षकार
सूत्रों के अनुसार, इस मामले में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी पक्षकार बनाया गया है। ऐसे में हाईकोर्ट की सुनवाई पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की नजरें टिकी हुई हैं।
छापेमारी के दौरान मौके पर पहुंची थीं मुख्यमंत्री
गौरतलब है कि गुरुवार को ईडी की छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्य प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पहले प्रतीक जैन के आवास और फिर आई-पैक के कार्यालय पहुंची थीं।
ईडी का आरोप है कि इस दौरान मुख्यमंत्री ने कथित तौर पर कुछ फाइलें और इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज अपनी गाड़ी में रखवाए। केंद्रीय एजेंसी ने याचिका में दावा किया है कि मुख्यमंत्री ने अपने संवैधानिक पद का दुरुपयोग करते हुए तलाशी और जब्ती की कार्रवाई में बाधा पहुंचाई।







