Jammu Kashmir: जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) और अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) पर पाकिस्तानी ड्रोन गतिविधियों ने एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। गुरुवार शाम पुंछ और सांबा जिलों के रामगढ़ सेक्टर में संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन मंडराते देखे गए, जिसके बाद भारतीय सेना ने तत्काल एंटी-अनमैन्ड एरियल सिस्टम को सक्रिय कर जवाबी कार्रवाई की।
नियमित निगरानी के दौरान दिखे ड्रोन
सेना के सूत्रों के अनुसार, पुंछ जिले में LoC के पास एक अग्रिम पोस्ट के नजदीक ड्रोन की मौजूदगी दर्ज की गई। वहीं, सांबा जिले के रामगढ़ सेक्टर में इंटरनेशनल बॉर्डर पर भी एक ड्रोन को उड़ान भरते देखा गया। इसके बाद सीमा पर तैनात जवानों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और निगरानी और कड़ी कर दी गई है।
Jammu Kashmir: पांच दिनों में तीसरी ड्रोन घटना
पिछले पांच दिनों में ड्रोन दिखने की यह तीसरी घटना है। इससे पहले 13 जनवरी को राजौरी जिले के LoC क्षेत्र में दो बार संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए थे। उस दौरान सेना की फायरिंग के बाद ड्रोन पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) की ओर लौट गए थे।
11 जनवरी को एक साथ पांच ड्रोन स्पॉट
11 जनवरी को नौशेरा, धरमसाल, रियासी, सांबा और पुंछ के मंकोट सेक्टर में एक साथ पांच ड्रोन देखे गए थे। लगातार हो रही इन घटनाओं को देखते हुए सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने सीमा पर चौकसी और बढ़ा दी है।
Jammu Kashmir: राजौरी में IED बरामद, एंटी-टेरर ऑपरेशन तेज
इसी बीच गुरुवार को ही सुरक्षा बलों ने राजौरी जिले के काकोरा गांव में एंटी-टेरर ऑपरेशन के दौरान करीब तीन किलो वजन का संदिग्ध IED बरामद किया। खुफिया सूचना के आधार पर तलाशी अभियान चलाया गया था। बम निरोधक दस्ते ने जांच के बाद IED को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया।

ड्रोन से हथियार गिराने की आशंका
सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि पाकिस्तान ड्रोन के जरिए आतंकियों के लिए हथियार, गोला-बारूद और नशीले पदार्थ भेजने की कोशिश कर रहा है। 9 जनवरी को सांबा के घगवाल क्षेत्र के पालूरा गांव में IB के पास हथियारों की खेप बरामद हुई थी, जिसे ड्रोन के जरिए गिराया गया था। इसमें दो पिस्तौल, तीन मैगजीन, 16 राउंड और एक ग्रेनेड शामिल था।
गणतंत्र दिवस से पहले बढ़ाई गई सुरक्षा
देश में आगामी गणतंत्र दिवस को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही अलर्ट मोड पर हैं। आशंका जताई जा रही है कि ड्रोन का इस्तेमाल सीमा पर सैन्य ठिकानों की रेकी करने या आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए किया जा सकता है। इसी कारण LoC और IB दोनों पर तकनीकी निगरानी और गश्त को और मजबूत किया गया है।
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