Lakhimpur Kheri: उत्तर प्रदेश के जनपद लखीमपुर खीरी में कानून का इकबाल बुलंद करने और संगठित अपराधियों के कमर तोड़ने के अभियान में पलिया पुलिस को एक बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा के सख्त निर्देशों के अनुपालन में, पुलिस ने गैंगेस्टर एक्ट के तहत वांछित चल रही एक महिला अभियुक्त को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस कार्रवाई से सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय नशा तस्करों और समाज विरोधी तत्वों में हड़कंप मच गया है।
पुलिस का विशेष अभियान और रणनीति
जनपद खीरी की भौगोलिक स्थिति नेपाल सीमा से सटे होने के कारण यहाँ मादक पदार्थों की तस्करी एक बड़ी चुनौती रही है। पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा ने कार्यभार संभालते ही स्पष्ट कर दिया था कि जिले में किसी भी प्रकार का संगठित अपराध और नशे का कारोबार पनपने नहीं दिया जाएगा। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक के निकट पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी (CO) पलिया के कुशल मार्गदर्शन में वांछित अपराधियों की धरपकड़ हेतु एक विशेष टीम का गठन किया गया था। थानाध्यक्ष पलिया के नेतृत्व में गठित टीम को सूचना मिली कि गैंगेस्टर एक्ट में वांछित चल रही शातिर महिला अभियुक्ता संदीप कौर अपने ठिकाने बदल रही है और पुलिस को चकमा देने की फिराक में है। सटीक मुखबिरी और स्थानीय इंटेलिजेंस के समन्वय से पुलिस ने घेराबंदी की और अभियुक्त को सफलतापूर्वक हिरासत में ले लिया।
Lakhimpur Kheri: अपराध का सिलसिला: NDPS से गैंगेस्टर एक्ट तक
गिरफ्तार की गई अभियुक्ता संदीप कौर पत्नी स्व0 निर्मल सिंह (उम्र 33 वर्ष) का आपराधिक इतिहास मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, संदीप कौर के विरुद्ध पूर्व में थाना गौरीफण्टा में मु0अ0सं0 15/2025 धारा 8/21/23 एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच में पाया गया कि अभियुक्त न केवल स्वयं अवैध धंधों में लिप्त थी, बल्कि एक संगठित गिरोह बनाकर समाज विरोधी क्रियाकलापों को अंजाम दे रही थी।
उसके बढ़ते आपराधिक प्रभाव और समाज पर पड़ने वाले प्रतिकूल असर को देखते हुए पुलिस ने कड़ी कानूनी कार्रवाई का मन बनाया। इसी कड़ी में उसके विरुद्ध थाना गौरीफण्टा पर मु0अ0स0 26/2025 धारा 2(ख)(ii)/3 उत्तर प्रदेश गिरोह बन्द एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम, 1986 (गैंगेस्टर एक्ट) के तहत मामला पंजीकृत किया गया। गैंगेस्टर एक्ट की कार्यवाही उन अपराधियों पर की जाती है जो गिरोह बनाकर आर्थिक या भौतिक लाभ के लिए जघन्य अपराध करते हैं।
गिरफ्तारी का विवरण और पुलिस टीम की तत्परता
गिरफ्तार की गई महिला अभियुक्त संदीप कौर मूल रूप से हरिनगर त्रिकोलिया, थाना सम्पूर्णानगर की रहने वाली है, लेकिन वर्तमान में वह पुलिस से बचने के लिए मोहल्ला थारुपुरवा, कस्बा व थाना पलिया में छिपकर रह रही थी। पलिया पुलिस ने बिना समय गंवाए विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए उसे गिरफ्तार किया। पुलिस टीम ने बताया कि अभियुक्त काफी समय से गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने ठिकाने बदल रही थी। उसकी गिरफ्तारी के बाद नियमानुसार चिकित्सीय परीक्षण कराया गया और सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
Lakhimpur Kheri: सीमावर्ती इलाकों में तस्करी पर बड़ा आघात
जानकारों का मानना है कि भारत-नेपाल सीमा पर स्थित गौरीफण्टा और पलिया जैसे क्षेत्र तस्करी के लिए संवेदनशील माने जाते हैं। संदीप कौर जैसे गिरोहबंद अपराधियों की गिरफ्तारी से नशीले पदार्थों की सप्लाई चेन को बड़ा धक्का लगा है। स्थानीय जनता ने पुलिस की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि नशीले पदार्थों के कारण क्षेत्र की युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है, ऐसे में तस्करों पर गैंगेस्टर जैसी कड़ी कार्रवाई से ही अपराध पर लगाम लग सकती है। पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा ने इस सफलता पर पुलिस टीम की पीठ थपथपाते हुए कहा कि “अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। जिले में सक्रिय सभी गिरोहों और उनके नेटवर्क को ध्वस्त किया जाएगा। गैंगेस्टर एक्ट के तहत अपराधियों की अवैध रूप से अर्जित की गई संपत्ति को कुर्क करने की कार्यवाही भी भविष्य में अमल में लाई जा सकती है।”
भविष्य की रणनीति
संदीप कौर की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की कुंडली खंगाल रही है। पुलिस का मानना है कि इस नेटवर्क के पीछे कुछ और बड़े नाम हो सकते हैं जो सीमा पार से तस्करी को नियंत्रित करते हैं। आने वाले दिनों में पलिया और गौरीफण्टा क्षेत्र में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां और कुर्की की कार्यवाही संभव है। लखीमपुर खीरी पुलिस की यह कार्रवाई न केवल एक वांछित अपराधी को पकड़ने तक सीमित है, बल्कि यह जिले में कानून-व्यवस्था के प्रति पुलिस की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। संदीप कौर का जेल जाना नशे के सौदागरों के लिए एक कड़ी चेतावनी है कि वे चाहे जितने भी रसूखदार हों, कानून के लंबे हाथों से बच नहीं पाएंगे।
Report By: Sanjay Kumar
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