Narendra Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा के स्थापना दिवस के अवसर पर इन राज्यों के नागरिकों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने संबंधित राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर पूर्वोत्तर भारत की सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य, वीरता और विकास यात्रा की सराहना की। इन पत्रों को राज्य के नेताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा करते हुए प्रधानमंत्री का आभार जताया।प्रधानमंत्री ने अपने संदेशों में पूर्वोत्तर को भारत की शक्ति और प्रेरणा का स्रोत बताते हुए कहा कि यह क्षेत्र देश की सांस्कृतिक विविधता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।
संस्कृति, प्रकृति और महिला सशक्तिकरण की भूमि
प्रधानमंत्री मोदी ने मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा को पत्र लिखकर राज्य दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा कि मेघालय प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर से परिपूर्ण है।प्रधानमंत्री ने खासी, गारो और जैंतिया समुदायों की परंपराओं की सराहना करते हुए कहा कि यहां के लोग प्रकृति के प्रति गहरी आस्था रखते हैं और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में प्रेरणादायी कार्य कर रहे हैं।उन्होंने वर्ष 2016 में शिलांग यात्रा और नॉर्थईस्टर्न काउंसिल की बैठक को भी याद किया। साथ ही स्वर्गीय पीए संगमा को उनकी 10वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में राज्य ने विकास की नई दिशा पकड़ी।
Narendra Modi: सांस्कृतिक समृद्धि और आर्थिक प्रगति का उदाहरण
प्रधानमंत्री मोदी ने त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा को भी पत्र भेजकर राज्य के नागरिकों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि त्रिपुरा को समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और उत्साही लोगों का आशीर्वाद प्राप्त है।प्रधानमंत्री ने 2025 की अपनी त्रिपुरा यात्रा का उल्लेख किया, जब उन्होंने नवरात्रि के दौरान माता त्रिपुर सुंदरी मंदिर में पूजा-अर्चना की थी। उन्होंने राज्य में हुए विकास कार्यों, आर्थिक सुधारों और निवेश में बढ़ोतरी की सराहना करते हुए कहा कि इससे युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर सृजित हुए हैं।
खेल और स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली परंपरा
प्रधानमंत्री मोदी ने मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला को पत्र लिखकर राज्य दिवस की बधाई दी। उन्होंने मणिपुर की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, कला और खेल के क्षेत्र में योगदान की प्रशंसा की।प्रधानमंत्री ने कहा कि मणिपुर की खेल संस्कृति वैश्विक मंच पर भारत के युवाओं की ताकत और अनुशासन का प्रतीक है।
उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में मणिपुर की भूमिका को याद करते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा मणिपुर में तिरंगा फहराने की ऐतिहासिक घटना का उल्लेख किया और कहा,
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