Saharanpur News: पतंजलि फूड्स के नाम पर फर्जीवाड़ा कर नासिक (महाराष्ट्र) के एक व्यापारी से ठगी करने वाले आरोपी को सहारनपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान सोहेल उर्फ हेमंत पुत्र शहजाद, निवासी गंदेवर, जनपद सहारनपुर के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से बड़ी मात्रा में किशमिश, नकदी, फर्जी दस्तावेज और एक कार बरामद की है।
अब पढ़े मामला…
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नासिक के हिरवाड़ी पंचवटी निवासी व्यापारी प्रवीण कोटी राम कुलथे ने सहारनपुर के थाना फतेहपुर में मुकदमा दर्ज कराया था। वादी ने आरोप लगाया कि एक व्यक्ति ने स्वयं को पतंजलि फूड्स का अधिकृत एजेंट बताते हुए उनसे संपर्क किया और पतंजलि कंपनी के नाम से फर्जी प्रचेज ऑर्डर भेजा। आरोपी ने पतंजलि की फर्जी आईडी और दस्तावेजों के सहारे व्यापारी का विश्वास जीत लिया।
आरोपी सोहेल उर्फ हेमंत ने वादी से 30 कुंतल किशमिश का ऑर्डर लिया और माल प्राप्त करने के बाद भुगतान नहीं किया। जब काफी समय तक पैसे नहीं मिले और संपर्क करने पर आरोपी टालमटोल करने लगा, तब व्यापारी को ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की।
Saharanpur News: योजनाबद्ध तरीके से किया था फर्जीवाड़ा
शिकायत मिलते ही फतेहपुर थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने पतंजलि के नाम पर ठगी करने की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 96 किलोग्राम किशमिश, 40 हजार रुपये नकद, फर्जी पतंजलि प्रचेज ऑर्डर बुक, फर्जी पतंजलि आईडी कार्ड तथा एक कार बरामद की है, जिसका इस्तेमाल वह ठगी की वारदातों में करता था। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने यह फर्जीवाड़ा पूरी योजनाबद्ध तरीके से किया था और वह खुद को बड़ी कंपनियों का एजेंट बताकर व्यापारियों को निशाना बनाता था।
न्यायिक हिरासत में भेजा गया आरोपी
फतेहपुर थाना पुलिस के अनुसार, आरोपी के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि उसने अन्य राज्यों में भी इसी तरह की ठगी की वारदातों को अंजाम दिया हो सकता है। पुलिस अन्य पीड़ितों की तलाश में भी जुटी हुई है। पुलिस अधिकारियों ने व्यापारियों से अपील की है कि किसी भी बड़े ऑर्डर या कंपनी के नाम पर लेन-देन करने से पहले संबंधित कंपनी के आधिकारिक कार्यालय से पुष्टि अवश्य करें। फर्जी आईडी और दस्तावेजों के माध्यम से ठगी करने वाले अपराधी सक्रिय हैं, ऐसे में सतर्कता ही बचाव का सबसे बड़ा उपाय है। फिलहाल, पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और मामले की आगे की जांच जारी है।
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