Swami Avimukteshwaranand: जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जो लोग देश में पीएम मोदी और यूपी में सीएम योगी के कामकाज से खुश नहीं हैं, उन्हें सनातन धर्म का विरोधी समझा जाना चाहिए।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर सीधा हमला
मध्य प्रदेश के सीधी जिले पहुंचे जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने आईएएनएस से बातचीत में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद शंकराचार्य पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद राजनीति से प्रभावित हो चुके हैं और उन्हें शंकराचार्य नहीं कहा जाना चाहिए।उन्होंने आरोप लगाया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सनातन धर्म को नुकसान पहुंचा रहे हैं और ऐसे लोगों से सलाह-मशविरा कर रहे हैं, जो सनातन को डेंगू, मलेरिया और कोविड जैसी बीमारियों से तुलना करते हैं।
Swami Avimukteshwaranand: विपक्षी नेताओं से नजदीकी पर सवाल
परमहंस आचार्य ने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद उन्हीं लोगों के साथ बैठते हैं, जो सनातन धर्म को खत्म करने की बात करते हैं। उन्होंने अखिलेश यादव का जिक्र करते हुए कहा कि जब उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ, तब भी वे उन्हीं के साथ खड़े नजर आए।
Swami Avimukteshwaranand: माघ मेले की घटना पर योगी सरकार का बचाव
माघ मेले से जुड़े एक हादसे का जिक्र करते हुए परमहंस आचार्य ने कहा कि अपेक्षा से अधिक भीड़ आने के कारण स्थिति बनी थी। कुछ अधिकारियों से चूक हुई, जिस पर कार्रवाई भी की गई। इसके बावजूद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस्तीफे की मांग शुरू कर दी, जो अनुचित है। उन्होंने कहा कि अगर भीड़ नियंत्रण के बिना लोग जाते रहे, तो और बड़ी घटनाएं हो सकती थीं, जिसकी जिम्मेदारी कौन लेता?
भाजपा विरोध को बताया सनातन विरोध
जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने दावा किया कि जो लोग पीएम मोदी, सीएम योगी और मध्य प्रदेश में मोहन यादव की सरकार से खुश नहीं हैं, वे या तो स्वयं विधर्मी हैं या फिर विधर्मियों से मिले हुए हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद भी ऐसे ही लोगों के प्रभाव में हैं और संभव है कि उन्हें इसके बदले मोटी रकम मिली हो।
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