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कम उम्र में सफेद हो रहे बाल? ये है बड़ी वजह आजमांए यह उपाय

safed baal upay:

safed baal upay: आज के दौर में बालों का सफेद होना केवल उम्रदराज लोगों की समस्या नहीं रह गई है। अब किशोरावस्था और युवावस्था में भी कई लोगों के सिर पर सफेद बाल नजर आने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलती जीवनशैली, मानसिक तनाव, खानपान में पोषण की कमी और पर्यावरणीय प्रभाव इस समस्या को तेजी से बढ़ा रहे हैं।

विज्ञान के अनुसार, बालों का प्राकृतिक रंग मेलानिन नामक पिगमेंट से तय होता है। यह पिगमेंट बालों की जड़ों में मौजूद विशेष कोशिकाओं द्वारा बनाया जाता है। जब तक ये कोशिकाएं सक्रिय रहती हैं, बालों का रंग काला या प्राकृतिक बना रहता है। लेकिन समय के साथ इन कोशिकाओं की कार्यक्षमता कम होने लगती है, जिससे मेलानिन का निर्माण घटता है और बाल ग्रे या सफेद दिखने लगते हैं।

कोशिकीय वृद्धावस्था और जेनेटिक्स की भूमिका

वैज्ञानिक इस प्रक्रिया को सेल्युलर एजिंग यानी कोशिकीय वृद्धावस्था कहते हैं। उम्र बढ़ने के साथ शरीर की कोशिकाएं धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं। शुरुआत में कुछ बाल सफेद होते हैं, लेकिन समय के साथ इनकी संख्या बढ़ती जाती है।इसके अलावा जेनेटिक्स भी इसमें अहम भूमिका निभाता है। अगर माता-पिता या दादा-दादी के बाल कम उम्र में सफेद हुए हों, तो अगली पीढ़ी में भी इसके जल्दी दिखने की संभावना बढ़ जाती है। यही कारण है कि किसी के बाल 30 की उम्र में सफेद होने लगते हैं, जबकि किसी के 50 साल तक भी काले रहते हैं।

safed baal upay: पोषण की कमी से बढ़ती समस्या

विशेषज्ञों के अनुसार, पोषण की कमी भी समय से पहले बाल सफेद होने का बड़ा कारण है। शरीर को सही तरीके से काम करने के लिए विटामिन बी12, आयरन, कॉपर और प्रोटीन की जरूरत होती है। इन पोषक तत्वों की कमी से बालों की जड़ों तक पर्याप्त पोषण नहीं पहुंच पाता, जिससे पिगमेंट बनाने वाली कोशिकाएं प्रभावित होती हैं। डॉक्टर संतुलित आहार लेने की सलाह देते हैं, जिसमें हरी सब्जियां, फल, दालें, नट्स और डेयरी उत्पाद शामिल हों।

safed baal upay: तनाव और गलत जीवनशैली का असर

लंबे समय तक बना रहने वाला मानसिक तनाव शरीर में हार्मोनल असंतुलन पैदा करता है, जो पिगमेंट बनाने वाली कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके अलावा कम नींद, धूम्रपान, अधिक शराब सेवन और फास्ट फूड पर निर्भरता शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ाती है। इससे कोशिकाएं जल्दी बूढ़ी होने लगती हैं और बालों की सेहत पर बुरा असर पड़ता है।

क्या किया जा सकता है बचाव के लिए

विशेषज्ञों का कहना है कि पूरी तरह सफेद बालों को रोकना संभव नहीं है, लेकिन हेल्दी लाइफस्टाइल, संतुलित आहार, तनाव प्रबंधन और पर्याप्त नींद अपनाकर इस प्रक्रिया को कुछ हद तक धीमा जरूर किया जा सकता है।

यह भी पढे़ : Sleep Health: नींद की कमी से दिमाग-दिल पर खतरा

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