Bihar News: बिहार सरकार जहां एक ओर सार्वजनिक स्थलों पर अश्लील भोजपुरी गानों के प्रसारण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर सिवान रेलवे स्टेशन से सामने आई एक घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बताया जा रहा है कि स्टेशन परिसर में यात्रियों को ट्रेन के आगमन और प्रस्थान की सूचना देने वाला डिजिटल डिस्प्ले सिस्टम अचानक एक अश्लील भोजपुरी गाना प्रसारित करने लगा। यह प्रसारण कुछ सेकंड नहीं, बल्कि लगभग तीन मिनट तक लगातार चलता रहा। इस दौरान प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्री पहले तो हैरान रह गए, लेकिन कुछ ही देर में कई लोगों ने अपने मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्डिंग शुरू कर दी।
हजारों यात्रियों की मौजूदगी में घटना
सिवान रेलवे स्टेशन जिले का एक प्रमुख स्टेशन है, जहां रोजाना हजारों यात्रियों की आवाजाही होती है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना उस समय हुई जब प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में यात्री ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। डिजिटल बोर्ड और अनाउंसमेंट सिस्टम, जो सामान्यतः ट्रेन से जुड़ी सूचनाएं प्रसारित करता है, उसी माध्यम से यह आपत्तिजनक गीत गूंजने लगा। करीब तीन मिनट तक स्टेशन परिसर में गाना बजता रहा, जिससे यात्रियों में असहजता और नाराजगी देखी गई। कई लोगों ने इसे रेलवे प्रशासन की गंभीर लापरवाही बताया।
Bihar News: तकनीकी चूक या सिस्टम से छेड़छाड़?
अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर यह घटना कैसे हुई?
• क्या यह महज तकनीकी गड़बड़ी थी?
• क्या किसी ने सिस्टम से जानबूझकर छेड़छाड़ की?
• या फिर कंट्रोल रूम में मौजूद किसी कर्मचारी की लापरवाही का नतीजा है?
रेलवे स्टेशनों पर लगे डिजिटल डिस्प्ले और अनाउंसमेंट सिस्टम आमतौर पर एक केंद्रीय कंट्रोल रूम से संचालित होते हैं। ऐसे में बिना अधिकृत पहुंच के किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा कंटेंट चलाना आसान नहीं माना जाता। इस वजह से आंतरिक जांच की दिशा भी अहम मानी जा रही है।
हाल ही में बिहार सरकार ने सार्वजनिक स्थलों पर अश्लील भोजपुरी गानों के प्रसारण को लेकर सख्त रुख अपनाने की घोषणा की थी। ऐसे में रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील और सार्वजनिक स्थान पर इस तरह की घटना प्रशासनिक दावों की गंभीरता पर सवाल खड़े करती है। यह घटना केवल एक तकनीकी गड़बड़ी नहीं, बल्कि सार्वजनिक संस्थानों की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था की विश्वसनीयता से भी जुड़ा मुद्दा बन गई है। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर हड़कंप की स्थिति रही, हालांकि रेलवे प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। सूत्रों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी और प्रशासनिक दोनों पहलुओं से जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की बात कही जा रही है।
वहीं अब सबकी निगाहें जांच पर टिकी हैं। क्या यह सुनियोजित शरारत थी, साइबर छेड़छाड़ का मामला, या फिर सिस्टम संचालन में गंभीर लापरवाही? जांच की दिशा और निष्कर्ष आने वाले दिनों में स्पष्ट करेंगे कि इस पूरे प्रकरण की जिम्मेदारी आखिर किस पर तय होती है।
Report By: रवि कुमार गुप्ता
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