Vegetarian Protein Diet: आजकल लोग अपनी सेहत को लेकर पहले से ज्यादा सजग हो गए हैं। खाने-पीने को लेकर भी कई तरह की बातें सुनने को मिलती हैं। लंबे समय से यह धारणा चली आ रही है कि शरीर को पर्याप्त प्रोटीन देने के लिए नॉनवेज खाना जरूरी है। लेकिन सच यह है कि शाकाहारी भोजन में भी प्रोटीन के कई बेहतरीन स्रोत मौजूद हैं। ये न सिर्फ शरीर को ताकत देते हैं, बल्कि पाचन सुधारते हैं, इम्युनिटी मजबूत करते हैं और मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाने में मदद करते हैं। सही और संतुलित आहार अपनाकर शाकाहारी लोग भी अपनी रोजाना की प्रोटीन जरूरत पूरी कर सकते हैं।

आयुर्वेद में पनीर का महत्व
आयुर्वेद के अनुसार, वही भोजन सबसे अच्छा माना जाता है जो आसानी से पच जाए और शरीर की जीवन शक्ति बढ़ाए। इसी वजह से दूध और उससे बने खाद्य पदार्थों को आयुर्वेद में खास महत्व दिया गया है। पनीर इसका एक प्रमुख उदाहरण है। पनीर मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करता है और शरीर को ऊर्जा देता है। इसमें मौजूद प्रोटीन और अमीनो एसिड मांसपेशियों की मरम्मत और विकास में सहायक होते हैं। आधुनिक विज्ञान भी इस बात को स्वीकार करता है कि पनीर मसल्स रिकवरी के लिए फायदेमंद है।

Vegetarian Protein Diet: दही से पाचन मजबूत, सोयाबीन से पूरी ताकत
दूध और दही भी प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं। खासकर दही पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करता है। यह आंतों को मजबूत बनाता है, जिससे शरीर भोजन में मौजूद प्रोटीन को बेहतर तरीके से अवशोषित कर पाता है। जब पाचन सही रहता है, तो शरीर को पूरा पोषण मिलता है।
सोयाबीन को अक्सर प्रोटीन का सबसे मजबूत शाकाहारी स्रोत माना जाता है। आयुर्वेद में इसे “बल्य” यानी ताकत बढ़ाने वाला बताया गया है। इसमें लगभग सभी जरूरी अमीनो एसिड पाए जाते हैं, जो शरीर को संपूर्ण पोषण देते हैं। यही कारण है कि टोफू और सोया चंक्स जैसे उत्पाद आज फिटनेस पसंद करने वाले लोगों की डाइट का हिस्सा बन चुके हैं। ये हृदय स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माने जाते हैं और कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रखने में मदद करते हैं।

दाल-चावल: संपूर्ण प्रोटीन आहार
भारतीय रसोई में दालें बहुत पुरानी और अहम जगह रखती हैं। आयुर्वेद में दालों को सात्त्विक भोजन माना गया है, जो शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ मन को भी शांत रखता है। वैज्ञानिक दृष्टि से देखा जाए तो जब दाल को चावल के साथ खाया जाता है, तो दोनों मिलकर संपूर्ण प्रोटीन प्रदान करते हैं। इसी वजह से दाल-चावल को एक संतुलित और पौष्टिक भोजन माना जाता है। यह बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों सभी के लिए लाभदायक है।
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