ख़बर का असर

Home » मनोरंजन » फिल्म ‘कहानी 2’ निर्देशक सुजॉय घोष को सुप्रीम कोर्ट से राहत, झारखंड केस रद्द

फिल्म ‘कहानी 2’ निर्देशक सुजॉय घोष को सुप्रीम कोर्ट से राहत, झारखंड केस रद्द

फिल्म निर्देशक सुजॉय घोष को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली। 'कहानी 2' फिल्म को लेकर झारखंड के हजारीबाग में लंबित आपराधिक केस रद्द कर दिया गया। अब निर्देशक को किसी कानूनी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
'कहानी 2' केस में सुजॉय घोष जीते

Kahani 2 Controversy: फिल्म निर्देशक सुजॉय घोष को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने 2016 में रिलीज हुई उनकी फिल्म ‘कहानी 2: दुर्गा रानी सिंह’ को लेकर दर्ज आपराधिक केस को रद्द कर दिया। यह मामला झारखंड के हजारीबाग में लंबित था। इस केस को एक लेखक ने अपनी लिखी स्क्रिप्ट पर आधारित होने का दावा करते हुए दर्ज कराया था।

Kahani 2 Controversy: 'कहानी 2' केस में सुजॉय घोष जीते
‘कहानी 2’ केस में सुजॉय घोष जीते

सुजॉय घोष पर स्क्रिप्ट चोरी आरोप

यह विवाद तब शुरू हुआ जब हजारीबाग के उमेश प्रसाद मेहता ने आरोप लगाया कि सुजॉय घोष ने उनकी अप्रकाशित स्क्रिप्ट ‘सबक’ चोरी कर ली। मेहता का दावा था कि उनकी स्क्रिप्ट के आधार पर ही फिल्म ‘कहानी 2’ बनाई गई। उन्होंने निर्देशक के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट की धारा 63 के उल्लंघन का आपराधिक केस दर्ज करवाया।

मेहता ने बताया कि उन्होंने 2015 में घोष को अपनी स्क्रिप्ट दी थी, ताकि वह कॉपीराइट रजिस्ट्रेशन के लिए सिफारिश पत्र दे सकें। लेकिन सुजॉय घोष ने बिना उनकी जानकारी लिए उस स्क्रिप्ट पर फिल्म बना दी।

Kahani 2 Controversy: स्क्रिप्ट विवाद पर सुप्रीम कोर्ट पहुँचा केस

मेहता की याचिका पर 7 जून 2018 को CJM कोर्ट ने सुजॉय घोष को समन भेजा था। इसके खिलाफ निर्देशक झारखंड हाई कोर्ट गए, लेकिन 22 अप्रैल 2025 को हाई कोर्ट ने कहा कि उसे समन के स्तर पर हस्तक्षेप करने की जरूरत नहीं है। कोर्ट ने कहा कि निर्देशक को CJM कोर्ट में जाकर अपनी बात रखनी चाहिए।

'कहानी 2' केस में सुजॉय घोष जीते
‘कहानी 2’ केस में सुजॉय घोष जीते

हाई कोर्ट से राहत न मिलने पर सुजॉय घोष ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने दलील दी कि उन्होंने फिल्म की स्क्रिप्ट 2012 में लिखी थीऔर दिसंबर 2013 में इसे स्क्रीन राइटर्स एसोसिएशन में रजिस्टर भी करवा लिया था। ऐसे में शिकायतकर्ता का दावा कि उन्होंने 2015 में स्क्रिप्ट दी, बेबुनियाद है।

सुप्रीम कोर्ट ने केस रद्द किया

घोष की तरफ से यह भी कहा गया कि यह मामला सिविल विवाद का है, जिसे आपराधिक केस के रूप में दर्ज किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि केस को मुंबई की जगह हजारीबाग में दायर करना सिर्फ उन्हें परेशान करने के लिए किया गया।

सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद 10 मार्च 2026 को फैसला सुरक्षित रखा। अब सुप्रीम कोर्ट ने सुजॉय घोष को राहत दे दी है और केस रद्द कर दिया गया।

ये भी पढ़ें…इजरायली PM नेतन्याहू का तीखा हमला: ‘होर्मुज स्ट्रेट के जरिए दुनिया को धमका रहा ईरान, अमेरिका-इजरायल मिलकर देंगे जवाब’

 

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

Share this post:

खबरें और भी हैं...

Live Video

लाइव क्रिकट स्कोर

Khabar India YouTubekhabar india YouTube poster

राशिफल