UP News: उत्तर प्रदेश सरकार के मत्स्य विभाग के मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार निषाद आज सोमवार को अपने समर्थकों के साथ श्रृंगवेरपुर धाम में धरने पर बैठ गए। यह विरोध प्रदर्शन मुख्य जीटी रोड स्थित नेशनल हाईवे पर किया गया, जिससे मार्ग में लंबा जाम लग गया और यात्रियों को घंटों तक परेशानियों का सामना करना पड़ा। डॉ. संजय निषाद ने इस दौरान आरोप लगाया कि श्रृंगवेरपुर धाम क्षेत्र में लगातार अवैध कब्जे किए जा रहे हैं और कई निर्माण कार्य हो रहे हैं, जो धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व वाले स्थलों की गरिमा को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से उस मस्जिद का जिक्र किया जिसे किले के पास बनाया गया है और जिसे हटाने की मांग की जा रही है।
धरने का क्या है कारण?
श्रृंगवेरपुर धाम को भगवान राम और उनके बालसखा निषाद राज गुहा की ऐतिहासिक मित्रता से जोड़ा जाता है। यहाँ स्थित प्राचीन किला और धाम को श्रद्धालु महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल मानते हैं। डॉ. संजय निषाद ने कहा कि यह क्षेत्र न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि पर्यटन और सांस्कृतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। श्रृंगवेरपुर धाम में अवैध कब्जे और निर्माण कार्य जारी हैं, जिससे धार्मिक स्थल की शांति और गरिमा प्रभावित हो रही है। प्रदेश सरकार और प्रशासन को इन कब्जों को हटाकर क्षेत्र को संरक्षित करना चाहिए। धरने में उनके साथ कई पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। समर्थक पार्टी के झंडे लेकर धरने में शामिल हुए और उनकी मांगों का समर्थन किया।

UP News: पर्यटन सर्किट और साफ-सफाई की चिंता
डॉ. संजय निषाद ने यह भी बताया कि प्रदेश सरकार ने श्रृंगवेरपुर धाम को पर्यटन सर्किट में शामिल किया है। यहां भगवान राम और निषाद राज की विशाल प्रतिमा स्थापित की गई है और एक भव्य पार्क का निर्माण कराया गया है। हालांकि, उन्होंने पार्क और आसपास के क्षेत्र में साफ-सफाई और व्यवस्थापन की स्थिति को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों से इस दिशा में कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। धरने के चलते प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। हालांकि धरना जारी रहने से क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है और हाईवे पर यातायात प्रभावित है। स्थानीय लोगों का कहना है कि श्रृंगवेरपुर धाम में धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का संरक्षण बेहद जरूरी है और इसे लेकर किसी भी प्रकार के विवाद को जल्द हल किया जाना चाहिए। वहीं डॉ. संजय निषाद ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगें मान्यता प्राप्त होने तक आंदोलन जारी रहेगा और वे अवैध कब्जों को हटाने और धाम के संरक्षण के लिए सख्त रुख अपनाएंगे।
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