Bengal News: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बंगाल कोयला तस्करी घोटाले की जांच के तहत गुरुवार को बड़ा एक्शन लेते हुए तीन राज्यों में एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की कंपनी I-PAC से जुड़े कई ठिकानों पर की गई। बेंगलुरु, दिल्ली और हैदराबाद में ED की टीमों ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर तलाशी अभियान चलाया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, एजेंसी को इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के अहम सबूत मिले हैं।
I-PAC कनेक्शन और हवाला ट्रांजैक्शन
जांच एजेंसियों के अनुसार, कोयला घोटाले से जुड़े करीब 10 करोड़ रुपये हवाला चैनलों के जरिए I-PAC तक पहुंचाए गए। आरोप है कि यह रकम राजनीतिक कंसल्टेंसी सेवाओं के भुगतान के रूप में इस्तेमाल हुई। I-PAC ने 2022 के गोवा विधानसभा चुनाव में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के लिए काम किया था, जिससे इस लेनदेन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
Bengal News: ममता बनर्जी और ED के बीच टकराव
इस मामले में पहले भी ED और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच टकराव देखने को मिला है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एजेंसी के आरोपों को खारिज करते हुए केंद्र पर अधिकार क्षेत्र के दुरुपयोग का आरोप लगाया था। वहीं ED ने अदालत का रुख कर स्वतंत्र जांच की मांग की थी, जिससे राज्य और केंद्र के बीच तनाव और बढ़ गया।
कोयला घोटाले की पृष्ठभूमि
बंगाल कोयला तस्करी मामला 2020 में सामने आया था, जिसमें ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के इलाकों से अवैध खनन और कोयले की चोरी शामिल है। इस घोटाले की कीमत सैकड़ों करोड़ रुपये आंकी गई है। मुख्य आरोपी अनूप माझी (लाला) पहले ही आत्मसमर्पण कर चुका है और कई अधिकारियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। ED अब इस मामले में राजनीतिक कनेक्शन और फंडिंग नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।
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