Myanmar: म्यांमार में 2021 के तख्तापलट के बाद सत्ता संभालने वाले सैन्य अधिकारी Min Aung Hlaing अब देश के नए राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं। सेना समर्थित संसद में हुए मतदान में उन्हें 584 में से 429 वोट मिले, जिससे उनकी जीत तय हो गई। संसद के संयुक्त सत्र के स्पीकर आंग लिन द्वे ने उनके राष्ट्रपति चुने जाने की आधिकारिक पुष्टि की।
2021 तख्तापलट के बाद बदला था सत्ता का समीकरण
गौरतलब है कि साल 2021 में Aung San Suu Kyi की लोकतांत्रिक सरकार को हटाकर सेना ने सत्ता पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद सू ची को नजरबंद कर दिया गया। इस कार्रवाई के खिलाफ देशभर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए, जो धीरे-धीरे सशस्त्र संघर्ष में बदल गए।
Myanmar: विरोध दबाने के लिए सेना ने अपनाए सख्त कदम
प्रदर्शनों को काबू में करने के लिए सेना ने कई इलाकों में मार्शल लॉ लागू किया। इस दौरान सुरक्षाबलों की कार्रवाई में सैकड़ों लोगों की मौत हुई, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी म्यांमार की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ी।
Myanmar: चुनाव पर उठे सवाल, विपक्ष ने बताया दिखावा
बीते दिसंबर और जनवरी में हुए संसदीय चुनावों में सेना समर्थित दल ने भारी जीत हासिल की। हालांकि, विपक्षी समूहों और कई अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों ने इन चुनावों को निष्पक्ष नहीं मानते हुए “दिखावटी” करार दिया है। इसके बावजूद इस जीत ने मिन आंग ह्लाइंग की राजनीतिक पकड़ को और मजबूत कर दिया है।
आगे क्या बदलेगा?
Myanmar: मिन आंग ह्लाइंग के राष्ट्रपति बनने से म्यांमार में सैन्य शासन और मजबूत होने की संभावना जताई जा रही है। वहीं, लोकतंत्र समर्थक समूहों और आम जनता के बीच असंतोष अभी भी बरकरार है, जिससे देश में स्थिरता एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
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